कानून-व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम

चंडीगढ़: संगठित अपराध और जघन्य अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए हरियाणा पुलिस ने रोहतक, झज्जर, सोनीपत और फरीदाबाद जिलों में विशेष आरजेएसएफ (रोहतक-झज्जर-सोनीपत-फरीदाबाद) यूनिट का गठन किया है। यह यूनिट पिछले दस वर्षों में गंभीर अपराधों में शामिल अपराधियों का विस्तृत डाटाबेस तैयार कर उनकी गतिविधियों पर निगरानी रख रही है।

यह जानकारी अजय सिंघल की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दी गई। बैठक में पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों, पुलिस आयुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक के दौरान सिमरदीप सिंह ने बताया कि आरजेएसएफ यूनिट की शुरुआत रोहतक में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई थी, जिसे अब झज्जर, सोनीपत और फरीदाबाद तक विस्तारित कर दिया गया है। भविष्य में इसे राज्य के अन्य जिलों में भी लागू करने की योजना है।

यूनिट ने पिछले दस वर्षों के दौरान हत्या, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर अपराधों में शामिल 10,892 अपराधियों का विस्तृत डाटाबेस तैयार किया है। इसमें अपराधियों का आपराधिक इतिहास, गतिविधियां, संपर्क, सामाजिक पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल हैं। इसके आधार पर अपराधियों को विभिन्न श्रेणियों में बांटकर उनके जोखिम स्तर का भी आकलन किया जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यूनिट ऐसे व्यक्तियों की भी पहचान कर रही है जिन्हें संगठित आपराधिक गिरोह अपने नेटवर्क में शामिल करने का प्रयास कर सकते हैं। इसका उद्देश्य अपराध होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय अपराध की संभावना को पहले ही रोकना है।

बैठक में हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की उपलब्धियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2024 में 323, वर्ष 2025 में 470 और वर्ष 2026 में 28 मई तक 148 गैंग सदस्यों एवं अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इस प्रकार पिछले तीन वर्षों में कुल 941 अपराधियों और गैंग सदस्यों को गिरफ्तार कर संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है।

हरियाणा पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय गैंगस्टरों के खिलाफ भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। अब तक 22 वांछित गैंगस्टरों को विभिन्न देशों से डिपोर्ट या प्रत्यर्पित कर भारत लाया जा चुका है। वहीं 14 अन्य गैंगस्टर विदेशों में हिरासत में हैं और उन्हें भारत लाने की प्रक्रिया जारी है।

पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि अपराधी किसी एक जिले तक सीमित नहीं रहते, इसलिए आरजेएसएफ यूनिट द्वारा जुटाई गई सूचनाओं और विश्लेषण को भविष्य में राज्य के अन्य जिलों के साथ भी साझा किया जाएगा, जिससे अपराध रोकथाम और अंतर-जिला समन्वय को और अधिक मजबूती मिलेगी।