विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति पर जोर दिया गया

चंडीगढ़: केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने के साथ-साथ बिजली क्षेत्र में होने वाले घाटे को कम करना समय की आवश्यकता है। इसके लिए बिजली निगमों को नई तकनीकों को अपनाते हुए लक्ष्य आधारित योजनाओं और परियोजनाओं पर तेजी से काम करना होगा, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराई जा सके।

हरियाणा निवास में आयोजित समीक्षा बैठक में, जिसमें अनिल विज भी मौजूद रहे, केंद्रीय मंत्री ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार, तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों में कमी, राजस्व वृद्धि और वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिजली केवल एक सेवा ही नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण आर्थिक संसाधन भी है, जिसके उत्पादन और वितरण पर भारी लागत आती है।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2013-14 में हरियाणा के बिजली निगमों का कुल लाइन लॉस लगभग 34 प्रतिशत था, जिसमें अब उल्लेखनीय कमी आई है। इस पर संतोष व्यक्त करते हुए मनोहर लाल ने सुधार की गति को और तेज करने के निर्देश दिए और बिजली बिलिंग तथा वास्तविक आपूर्ति के बीच अंतर को न्यूनतम करने पर बल दिया।

केंद्रीय मंत्री ने राज्य में प्रीपेड मीटरिंग और स्मार्ट मीटरिंग योजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रीपेड मीटर प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए, जिसकी शुरुआत सरकारी कार्यालयों, सरकारी भवनों और सरकारी कर्मचारियों के परिसरों से की जाए। इसके बाद बड़े और अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को इससे जोड़ा जाए।

बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा में चालू वर्ष के दौरान 2.20 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से अब तक करीब 86 हजार सिस्टम लगाए जा चुके हैं। केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि छोटे और मध्यम वर्गीय परिवारों को योजना का अधिक से अधिक लाभ पहुंचाया जाए, ताकि सौर ऊर्जा को बढ़ावा मिलने के साथ लोगों के बिजली खर्च में भी कमी आ सके।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना समय की मांग है और इसके लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है।