बठिंडा: शहीद भाई मनी सिंह सरकारी अस्पताल में मरीजों को बेहतर और तेज चिकित्सा सुविधा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अस्पताल प्रशासन ने करीब 50 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक डिजिटल रेडियोग्राफी (डीआर) एक्स-रे मशीन और आर्थोपेंटोमोग्राम (ओपीजी) मशीन स्थापित कर दी है, जिससे जांच सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।
अस्पताल में प्रतिदिन 1800 से 2000 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं, जिनमें से 400 से 500 मरीजों को एक्स-रे की जरूरत होती है। अब तक एक ही डिजिटल एक्स-रे मशीन होने के कारण सीमित जांच हो पाती थी, जिससे मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता था। नई डीआर मशीन शुरू होने से अब अस्पताल में दो डिजिटल एक्स-रे मशीनें उपलब्ध हो गई हैं, जिससे जांच क्षमता बढ़ेगी और मरीजों को राहत मिलेगी।
अस्पताल के एसएमओ डॉ. अरुण बांसल के अनुसार, नई मशीन उच्च गुणवत्ता की स्पष्ट इमेज प्रदान करती है, जिससे हड्डियों के सूक्ष्म फ्रैक्चर सहित कई बीमारियों का सटीक निदान संभव होगा। साथ ही इसमें रेडिएशन का स्तर भी कम है, जिससे मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है और रिपोर्ट भी कम समय में तैयार हो जाती है।
दंत रोगियों को पहली बार ओपीजी सुविधा
अस्पताल में पहली बार ओपीजी मशीन की सुविधा शुरू की गई है, जिससे दांतों और जबड़ों से जुड़ी बीमारियों का सटीक परीक्षण अब यहीं संभव होगा। पहले मरीजों को इसके लिए निजी केंद्रों पर 800 से 1000 रुपये तक खर्च करना पड़ता था, लेकिन अब यह सुविधा सरकारी अस्पताल में ही उपलब्ध होगी।
डेंटल विभाग में रोजाना 100 से 120 मरीज पहुंचते हैं, जिन्हें अब जांच के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। ओपीजी मशीन से दांतों की सड़न, संक्रमण, ट्यूमर, अक्ल दाढ़ और रूट कैनाल जैसी समस्याओं का बेहतर आकलन किया जा सकेगा।
अस्पताल प्रशासन का मानना है कि नई मशीनों के शुरू होने से मरीजों की लंबी कतारें कम होंगी, जांच रिपोर्ट जल्दी मिलेगी और गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सकेगा। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि मरीजों का भरोसा भी मजबूत होगा।