नशे के काले कारोबार का पर्दाफाश, 285 करोड़ के हेरोइन नेटवर्क का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

गुरुग्राम: अंतरराज्यीय ड्रग्स तस्करी के बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ गुरुग्राम ने करीब 285 करोड़ रुपये की हेरोइन से जुड़े मुख्य सरगना गुरप्रीत को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले आठ महीनों से फरार था और लगातार अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस से बचता रहा।

एसटीएफ ने गुप्त सूचना के आधार पर रोहतक में घेराबंदी कर उसे काबू किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को भिवानी की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।

यूनिट प्रभारी प्रीतपाल सांगवान के मुताबिक प्रारंभिक पूछताछ में हरियाणा और पंजाब में फैले इस नेटवर्क के कई अहम कड़ियों की पहचान हुई है। पुलिस अब इन सुरागों के आधार पर अन्य आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

दरअसल, इस पूरे मामले का खुलासा उस समय हुआ था जब एसटीएफ ने भिवानी से रोहित नामक युवक को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 8.940 किलोग्राम हेरोइन बरामद की थी। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 35 करोड़ रुपये आंकी गई थी। पूछताछ में रोहित ने अपने भाई गुरप्रीत और लुधियाना निवासी राजेंद्र का नाम उजागर किया, जो इस नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।

जांच में यह भी सामने आया कि गुरप्रीत पंजाब के मोहाली में दर्ज एक अन्य मामले में भी वांछित था, जिसमें 50.14 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। उस खेप की कीमत करीब 250 करोड़ रुपये बताई गई थी। दोनों मामलों को मिलाकर इस ड्रग्स नेटवर्क का कारोबार 285 करोड़ रुपये से अधिक का माना जा रहा है।

एसटीएफ की विशेष टीम ने तकनीकी निगरानी और खुफिया इनपुट के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर उसे गिरफ्तार किया। फिलहाल पुलिस रिमांड के दौरान उससे गहन पूछताछ जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।