"हिंसा रोकने के लिए प्रशासनिक जवाबदेही तय"

चंडीगढ़: पंजाब की जेल व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से जेल मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने सोमवार को पंजाब भवन में राज्य की सभी जेलों के सुपरिंटेंडेंटों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जेलों में किसी भी प्रकार की हिंसा, अनुशासनहीनता या गैर-कानूनी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बैठक के दौरान जेल प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, कैदियों की भलाई और विभागीय कार्यक्षमता जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपनी कार्यप्रणाली का लगातार मूल्यांकन करें, कमजोरियों की पहचान कर उन्हें दूर करें और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करें।

डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि एक जिम्मेदार अधिकारी वही है, जो सीमित संसाधनों में भी अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी, निष्ठा और पेशेवर ढंग से निभाए। उन्होंने जेलों को अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि जेलों का उद्देश्य केवल कैदियों को हिरासत में रखना नहीं, बल्कि उनके सुधार, पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है।

उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि कैदियों के लिए शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवाएं और मनोवैज्ञानिक सहायता जैसी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जेलों में चल रहे सुधारात्मक कार्यक्रमों, स्वास्थ्य सुविधाओं, भोजन प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के विकास की जानकारी भी साझा की।

इस अवसर पर जेल विभाग के सचिव मोहम्मद तईब, एडीजीपी जेल आरके जायसवाल समेत सभी जेलों के सुपरिंटेंडेंट और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।