GJU-मॉरीशस यूनिवर्सिटी समझौते से छात्रों को लाभ

हिसार: Hisar स्थित गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और यूनिवर्सिटी ऑफ मॉरीशस के बीच शिक्षा, अनुसंधान और अकादमिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

इस समझौते के तहत दोनों संस्थान जैव प्रौद्योगिकी और कृषि विज्ञान के क्षेत्र में संयुक्त शोध, छात्र व संकाय विनिमय और ज्ञान-साझाकरण को आगे बढ़ाएंगे।

हाल ही में यूनिवर्सिटी ऑफ मॉरीशस की शोधार्थी स्रुति रामप्रोसेंड ने विश्वविद्यालय की प्रयोगशालाओं में उन्नत आणविक जीवविज्ञान तकनीकों जैसे सीडीएनए सिंथेसिस, रियल-टाइम पीसीआर और सीआरआईएसपीआर आधारित जीन संपादन पर सफलतापूर्वक शोध कार्य किया। इससे दोनों संस्थानों के बीच वैज्ञानिक सहयोग को नई दिशा मिली है।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया। वहीं, जैव प्रौद्योगिकी विभाग के प्रो. विनोद छोकर ने कहा कि यह साझेदारी संयुक्त शोध परियोजनाओं और वैज्ञानिक प्रकाशनों को बढ़ावा देगी।

अंतर्राष्ट्रीय मामलों के अधिष्ठाता प्रो. ओम प्रकाश सांगवान के अनुसार, इस एमओयू से छात्र एवं संकाय विनिमय, संयुक्त प्रशिक्षण और अकादमिक गतिशीलता को नई गति मिलेगी।

दोनों संस्थानों ने भविष्य में अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है।