नोबल फाउंडेशन ने शिक्षकों के लिए आयोजित की विशेष कार्यशाला

लुधियाना: नोबल फाउंडेशन संस्था द्वारा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और देश की भलाई के उद्देश्य से हर वर्ष आयोजित की जाने वाली शिक्षक कार्यशाला का इस बार 12वां संस्करण शुरू हुआ। तीन दिवसीय इस कार्यशाला का उद्घाटन आज मुख्य अतिथि श्रीमती पायल गोयल, पी.सी.एस असिस्टेंट कमिश्नर जनरल, लुधियाना द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।

इस वर्ष कार्यशाला में लगभग 130 अध्यापिकाएं भाग ले रही हैं। संस्था का मानना है कि शिक्षकों के कौशल विकास से ही बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव है। कार्यशाला में अध्यापिकाओं को नवीन शिक्षण तकनीकों, बाल मनोविज्ञान और प्रभावी कक्षा प्रबंधन के गुण सिखाए जाएंगे, जिससे उनकी शिक्षण क्षमता बेहतर हो और बच्चों के लिए अधिक कारगर सिद्ध हो।

आज के कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री सुनील शारदा, (अध्यक्ष, श्री दुर्गा माता मंदिर बीआरएस नगर) द्वारा की गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि श्रीमती पायल गोयल ने कहा, "मैं अपने आप को सौभाग्यशाली मानती हूं कि नोबल फाउंडेशन जैसे संगठन के बीच आकर इसके कार्यों को करीब से जानने का अवसर मिला। यह संस्था बच्चों के भविष्य निर्माण के लिए जिस समर्पण से कार्य कर रही है, वह वास्तव में सराहनीय है।"

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री श्रीमती चांदनी चैन, (डायरेक्टर मिनी किंग नीटवियर) तथा श्री ओम प्रकाश बावा (वर्किंग चेयरमैन, श्री दुर्गा माता मंदिर) भी उपस्थित रहे।

श्री सुनील शारदा ने नोबल फाउंडेशन की प्रशंसा करते हुए कहा, "जब हम संस्था के संस्थापक श्री राजेंद्र शर्मा जी के विचारों को सुनते हैं तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उनके विजन और बच्चों के प्रति समर्पण को देखकर हम स्वयं को भाग्यशाली मानेंगे यदि हम इस नेक कार्य में संस्था के किसी भी प्रकार काम आ सकें।"

कार्यक्रम में सभी अतिथियों को संस्था द्वारा सम्मानित किया गया। नोबल फाउंडेशन बच्चों के भविष्य को संवारने और देश की प्रगति में योगदान देने के अपने संकल्प पर निरंतर कार्यरत है।

सेमिनार को दो चरणों में विभाजित किया गया सेमिनार के पहले चरण में श्रीमती अंजलि धवन (इंटरनेशनल योगा एंड मारमा थैरेपिस्ट फ्रॉम इंटरनेशनल योगा ऑर्गेनाइजेशन) ने अध्यापिकाओं को विद्यार्थियों के मन की और दिमाग की कसरत की जानकारी देते हुए किस प्रकार विद्यार्थियों का मन शिक्षा में ज्यादा से ज्यादा लगाया जा सकता है के बारे में जानकारी दी।

दूसरे चरण में श्रीमती मनप्रीत कौर (सर्टिफाइड योगा टीचर एंड इवेलुएटर और मारमा थैरेपिस्ट) अध्यापिकाओं को अबेकस के बारे में जानकारी देते हुए कम से कम समय में किस प्रकार अबेकस का प्रयोग करके कैलकुलेशन सिखाया जा सकता है के बारे में जानकारी प्रदान की।

कार्यक्रम के मंच का संचालन संस्था के कोऑर्डिनेटर मीनाक्षी शर्मा जी द्वारा किया गया। जिन्होंने आए हुए सभी मेहमानों को नोबल फाउंडेशन संस्था के द्वारा किए जाने वाले प्रत्येक कार्य से अवगत करवाया।

संस्था के फाउंडर श्री राजेंद्र शर्मा जी ने आए हुए सभी मेहमानों का धन्यवाद किया और अध्यापिकाओं को आज के तीन दिवसीय वर्कशॉप शुरुआत के लिए बधाई दी।