चंडीगढ़: पंजाब में भ्रष्टाचार के मामलों की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य में 7 विशेष अदालतों (स्पेशल कोर्ट) के गठन को मंजूरी दी गई है।
सरकार का उद्देश्य लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे और दोषियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इन विशेष अदालतों में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि इन अदालतों के गठन से जांच एजेंसियों और न्यायिक प्रक्रिया को गति मिलेगी, जिससे आम जनता को न्याय मिलने में देरी नहीं होगी।
Punjab सरकार ने भ्रष्टाचार के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में शनिवार को हुई मंत्रिमंडल बैठक में 7 विशेष अदालतें स्थापित करने को मंजूरी दी गई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि SAS Nagar में 3 अदालतें स्थापित की जाएंगी, जबकि Jalandhar, Ludhiana, Amritsar और Patiala में एक-एक अदालत बनाई जाएगी।
इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने इन अदालतों के संचालन के लिए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीशों के 7 पदों और सहायक स्टाफ के 63 पदों के सृजन को भी मंजूरी दे दी है।
सरकार का मानना है कि इस कदम से भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों का तेजी से निपटारा होगा और न्यायिक प्रक्रिया को गति मिलेगी।
सरकार का मानना है कि इस पहल से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और प्रशासन में पारदर्शिता व जवाबदेही बढ़ेगी।