सांबा में कृषि विकास योजनाओं को लेकर समीक्षा बैठक

सांबा: Samba के उपायुक्त ने समग्र कृषि विकास कार्यक्रम (Holistic Agriculture Development Programme) और JKCIP की प्रगति की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित की।

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और दोनों योजनाओं के तहत चल रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। उपायुक्त ने योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लेते हुए समयबद्ध तरीके से लक्ष्यों को पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन बेहद जरूरी है। इसके लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय और निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले भर में एचएडीपी और जेकेसीआईपी के तहत कार्यान्वित की जा रही प्रमुख परियोजनाओं की स्थिति पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।

समिति ने ऑनलाइन एचएडीपी और जेकेसीआईपी पोर्टलों के माध्यम से प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की और विभिन्न कृषि एवं संबद्ध विभागों के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों के चयन को अंतिम रूप दिया।

समग्र कृषि विकास कार्यक्रम की विभिन्न परियोजनाओं के तहत कुल 293 लाभार्थियों को मंजूरी दी गई जबकि जे केसी आईपी के तहत 57 लाभार्थियों को मंजूरी मिली जिससे स्वीकृत लाभार्थियों की कुल संख्या 350 हो गई।

उपायुक्त ने जीवंत गांवों की पहुंच बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया और सभी संबंधित विभागों को उन गांवों की पहचान करने का निर्देश दिया जहा समग्र कृषि विकास कार्य क्रम के तहत कम आवेदन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने पारदर्शिता, जवाबदेही और परिणामों के वास्तविक समय मूल्यांकन को सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल निगरानी तंत्र के माध्यम से उत्पादन ट्रैकिंग के महत्व पर बल दिया।

संबंधित विभागों को दक्ष किसान प्रशिक्षण और प्रमाणन कार्यक्रमों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने परियोजनाओं के कुशल जमीनी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए किसान समृद्धि आउटरीच और परिवर्तन पहल के तहत इकाइयों की समय पर स्थापना और प्रभावी ट्रैकिंग की आवश्यकता पर भी बल दिया।

इसके अलावा उपायुक्त ने जिले भर में समग्र कृषि विकास कार्यक्रम और जेकेसीआईपी के लाभों को अधिकतम करने के लिए किसान खिदमत घर पहल के तहत किसानों के नामांकन पर जोर दिया। उन्होंने बैंकों से पात्र ऋण मामलों के प्रायोजन और स्वीकृति को प्राथमिकता देने और परियोजना के सफल कार्यान्वयन के लिए लाभार्थियों को उचित सहायता प्रदान करने का भी आग्रह किया।

उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समय पर पहुंचे, साथ ही जमीनी स्तर पर आ रही समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए, ताकि निर्धारित लक्ष्यों को समय पर हासिल किया जा सके और कृषि विकास को गति मिले।