15 लाख से ज्यादा मतदाता, सुविधाओं का विस्तार

गुरुग्राम: गुरुग्राम में चुनावी तैयारियों के तहत मतदाता संख्या 15.55 लाख से अधिक पहुंच गई है। बढ़ती आबादी और मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 251 नए मतदान केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं।

अधिकारियों के अनुसार, नए मतदान केंद्रों के गठन से मतदाताओं को अपने क्षेत्र के पास ही मतदान की सुविधा मिलेगी और भीड़भाड़ कम होगी।

उपायुक्त उत्तम सिंह ने बताया कि इस पुनरीक्षण अभियान के लिए एक जुलाई 2026 को अर्हता तिथि निर्धारित की गई है। अर्थात जो नागरिक एक जुलाई 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके होंगे, वे मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने के पात्र होंगे। डीसी ने बताया कि अभियान का प्रारंभिक चरण 5 जून से 14 जून 2026 तक चलेगा। इस दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ), निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) तथा राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) को प्रशिक्षण दिया जाएगा। डीसी ने कहा कि बीएलओ प्रत्येक मतदाता तक पहुंचने के लिए कम से कम तीन बार घर-घर संपर्क करेंगे। राजनीतिक दलों के बीएलए भी मतदाताओं को फॉर्म भरने, दस्तावेज जमा करवाने तथा अन्य प्रक्रियाओं में सहयोग करेंगे। डीसी ने बताया कि वर्तमान में गुरुग्राम जिले में कुल 15 लाख 55 हजार 39 पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें से 5 लाख 46 हजार 970 मतदाताओं की मैपिंग की जा चुकी है, जो कुल मतदाताओं का 35.17 प्रतिशत है। यह आंकड़ा आगामी एन्यूमरेशन प्रक्रिया के दौरान और बढ़ेगा।

डीसी ने बताया कि बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म भरवाएंगे, फोटो अपडेट करेंगे तथा हस्ताक्षर करवाकर फॉर्म प्राप्त करेंगे। साथ ही नए मतदाताओं के लिए आवश्यक फॉर्म-6 भी उपलब्ध करवाए जाएंगे। मतदाता ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि 14 जून से 26 जून तक जिले के सभी मतदान केंद्रों का युक्तिकरण (रैशनलाइजेशन) किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी मतदान केंद्र पर 1200 से अधिक मतदाता न हों तथा किसी मतदाता को मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए दो किलोमीटर से अधिक दूरी तय न करनी पड़े।

प्रशासन ने बताया कि सभी केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी और चुनाव प्रक्रिया को सुचारू व पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।\

इस कदम को मतदाता सहभागिता बढ़ाने और चुनावी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।