हीटवेव में पशुपालक रहें सतर्क, पशु स्वास्थ्य पर जोर

पानीपत (निर्मल सिंह विर्क) : भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान ने अब पशुधन पर भी गंभीर प्रभाव डालना शुरू कर दिया है। जिले में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने से पशुओं में हीट स्ट्रेस तेजी से बढ़ रहा है, जिसके कारण दूध उत्पादन में 20 से 30 प्रतिशत तक कमी दर्ज की जा रही है। इसके अलावा पशुओं की खान-पान क्षमता, वजन और प्रजनन क्षमता पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने कहा कि वर्तमान हीट वेव की स्थिति केवल इंसानों के लिए ही नहीं बल्कि पशुधन के लिए भी बेहद चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने पशुपालकों से अपील करते हुए कहा कि पशुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने कहा कि गर्मी के कारण पशु अधिक हांफने लगते हैं और तनाव की स्थिति में चले जाते हैं, जिससे उनकी उत्पादकता सीधे प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि यदि समय रहते उचित देखभाल नहीं की गई तो पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

उन्होंने पशुपालकों को सलाह दी कि पशुओं को हमेशा छायादार और हवादार स्थान पर रखा जाए तथा हर समय स्वच्छ और ठंडा पानी उपलब्ध कराया जाए। साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला हरा चारा एवं खनिज लवण नियमित रूप से खिलाए जाएं। दिन के सबसे अधिक गर्म समय में पशुओं को नहलाने और आवश्यक होने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करने की भी सलाह दी गई है।


डॉक्टर अशोक लोहान ने कहा कि पशुपालन विभाग पूरी तरह सतर्क है और जरूरत पडऩे पर पशुपालकों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि पशुधन किसानों की आर्थिक रीढ़ है और इसकी सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है।