चंडीगढ़: Punjab में चर्चित राजा वड़िंग मामले को लेकर पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने सख्त रुख अपनाया है।
आयोग ने मामले में संज्ञान लेते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों से 1 जुलाई तक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सके।
आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने बताया कि आयोग ने कांग्रेस पार्टी के प्रधान एवं सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का चुनाव प्रचार के दौरान दलित समुदाय के प्रति जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल वाले बयान का स्वतः संज्ञान लिया था। उन्होंने बताया कि इस मामले की सुनवाई के दौरान आज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आयोग के समक्ष पेश हुए। उन्होंने आयोग को अवगत कराया कि संबंधित ऑडियो क्लिप की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है तथा इस संबंध में तकनीकी तथ्यों को एकत्र किया जा रहा है।
पंजाब पुलिस ने इस मामले से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए मेटा कंपनी को भी पत्र लिखा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मेटा से आवश्यक रिपोर्ट लगभग 30 दिनों के भीतर प्राप्त होने की संभावना है।
इस कदम को मामले में जवाबदेही तय करने और जांच प्रक्रिया को तेज करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।