निगम ने जारी की गाइडलाइन, तय मानकों का पालन जरूरी

गुरुग्राम: Gurugram नगर निगम ने जल प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के लिए मानक और स्वीकृत वाटर मीटर लगाने के निर्देश जारी किए हैं।

निगम के अनुसार, सभी उपभोक्ताओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप ही वाटर मीटर लगवाने होंगे, ताकि पानी की खपत का सही आकलन किया जा सके और जल संरक्षण को बढ़ावा मिले।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अनधिकृत या गैर-मानक मीटर पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि सभी वाटर मीटर आईएसआई मार्क युक्त होंगे तथा भारतीय मानक ब्यूरो के आईएस:779:1994 और आईएसओ 4064 क्लास-बी मानकों के अनुरूप होने चाहिए। इसके साथ ही मीटर मल्टी जेट, मैग्नेटिक ड्रिवन या इंफेरेंशियल टाइप के होंगे तथा उनकी रीडिंग क्षमता कम से कम 5 डिजिट इनलाइन रीडिंग की होगी। आदेशों में यह भी कहा गया है कि वाटर मीटर पीतल/ब्रॉन्ज इंजीनियरिंग ग्रेड मटेरियल से निर्मित होंगे और उनमें टैंपर-प्रूफ एवं लीकेज-प्रूफ सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य होगी। मीटरों पर आईएसआई मार्क, निर्माता का सीरियल नंबर, फ्लो की दिशा, निर्माण वर्ष तथा क्लास-बी मार्किंग अंकित होना आवश्यक होगा। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि केवल वही मीटर लगाए जा सकेंगे जिन्हें भारत सरकार के अधीन फ्लूड कंट्रोल रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा प्रमाणित किया गया हो। साथ ही मीटर की स्थापना ऐसी जगह पर की जाएगी जहां आसानी से पहुंचा जा सके और रखरखाव में कोई बाधा न आए।

आदेशों में सब-स्टैंडर्ड, बिना आईएसआई मार्क वाले अथवा सिंगल जेट मीटरों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। निगम अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नए जल कनेक्शन, पुराने मीटर बदलने और नियमित निरीक्षण के दौरान इन मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

निगम का मानना है कि इस पहल से जल वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी, साथ ही पानी की बर्बादी पर भी नियंत्रण किया जा सकेगा।