पानीपत (निर्मल सिंह विर्क) : हरियाणा सरकार द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन को बढ़ावा देने तथा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से किसानों के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों पर भारी अनुदान देने की योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत किसानों को व्यक्तिगत श्रेणी में कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जाएगा। योजना के लिए विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, जिसकी अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित की गई है।
उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही यह योजना किसानों के हित में बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन से जहां पर्यावरण संरक्षण होगा, वहीं किसानों को अतिरिक्त आय का भी अवसर मिलेगा। उपायुक्त ने बताया कि सरकार ने यह निर्णय लिया है कि कोयला आधारित बिजली संयंत्रों में भी पराली का उपयोग किया जाएगा, जिससे किसानों को कृषि-कचरे का उचित मूल्य मिल सकेगा।
उपायुक्त ने कहा कि किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध करवाने के लिए सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है। चयनित लाभार्थियों का चयन उपायुक्त की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय कार्यकारिणी समिति द्वारा किया जाएगा। चयन के बाद किसान अपनी पसंद के सूचीबद्ध कृषि यंत्र निर्माताओं से मशीनों की खरीद कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि कृषि यंत्र निर्माता भी विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण कर मशीनों की आपूर्ति के लिए पात्र बन सकते हैं। डॉ. दहिया ने किसानों से आग्रह किया कि वे समय रहते ऑनलाइन आवेदन करें और इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
डीडीए प्रवीण गुलिया ने बताया कि हर खेत से यही संकल्प उठना चाहिए कि ना पराली जले और ना ही पर्यावरण बिगड़े। अधिक जानकारी के लिए किसान टोल फ्री नंबर 1800-180-2117 अथवा जिला कृषि उप-निदेशक कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।