कुरुक्षेत्र (परमिंदर सिंह) : जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक ने कहा कि हरियाणा सुपर-100 संस्थान बारना में पढऩे वाले विद्यार्थी को किसी भी प्रकार की दिक्कत या परेशानी होने पर वो सीधे जिला शिक्षा विभाग को सूचित कर सकते हैं। परिसर में जिला शिक्षा अधिकारी, पुलिस अधीक्षक, एसएचओ, टोल फ्री नंबर 112, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर भी अंकित किए जाएंगे। शिक्षा विभाग की टीम समय समय पर संस्थान का दौरा करके बच्चों से समस्याओं को जाना करेगी। डीईओ ने अभिभावकों से अपील की है कि वो बच्चों के साथ बातचीत करने के लिए संस्थान के दिए समय के अनुसार मिलें।
जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक वीरवार को हरियाणा सुपर 100 संस्थान बारना में निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। इस दौरान उनके साथ इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिद्धू भी टीम के साथ मौजूद रहे। उन्होंने संस्थान में विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही बच्चों से दिक्कत व परेशानियों को भी जाना। मौके पर ही विद्यार्थियों को जिला शिक्षा अधिकारी व एसएचओ ने अपने-अपने फोन नंबर भी साझा किए।
जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक ने कहा कि संस्थान में विद्यार्थियों को सभी सुविधाएं बेहतर ढंग से मुहैया करवाई जा रही है। संस्थान में 13 मई से नया बैच शुरू हुआ है, जो बच्चे इस बैच में आए है, उनमें से 4-5 बच्चों को परिवार के बीच से संस्थान में रहने में परिवारजनों की याद आना ही एकमात्र कारण सामने आया है। इसके अलावा संस्थान में शुद्ध व पोषक खाना दिया जा रहा है।
गर्मी को देखते हुए बच्चों के लिए कूलर लगाए गए हैं। रहने के लिए लड़कों और लड़कियों की अलग-अलग व्यवस्था की हुई है। बेहतर स्टाफ द्वारा बच्चों को तैयारी करवाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए सरकार ने सुपर 100 योजना चलाई हुई है। इस संस्थान में सरकारी स्कूलों के 10वीं पास मेधावी छात्रों को जेईई और एनईईटी की मुफ्त कोचिंग प्रदान की जा रही है। इसमें 10वीं कक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक और प्रवेश परीक्षा लेवल-1 और लेवल-2 उत्तीर्ण करने के बाद ही सुपर-100 के लिए बच्चों का चयन होता है। चयनित विद्यार्थियों को हरियाणा सुपर 100 संस्थान बारना में मुफ्त कोचिंग, आवास और भोजन की सुविधा दी जाती है।
इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिद्धू ने कहा कि संस्थान में कोचिंग लेने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत या परेशानी हो तो वो जिला शिक्षा अधिकारी या पुलिस को मिलकर अपनी समस्या बता सकते हैं। उनकी पुलिस प्रशासन की तरफ से पूरी मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों से मिलने के लिए संस्थान में आएं और अपने बच्चों से मिलें, उनकी समस्याएं जानें। अभिभावक अपने-अपने बच्चों से बातचीत करके उनसे समस्याओं को जानें और किसी भी प्रकार की दिक्कत, परेशानी को उसके स्तर के अनुसार समाधान करवाएं। हर समस्या का समाधान संभव है। कोई भी अभिभावक कानून को अपने हाथों में ना लें।नगणना अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
जनगणना 2027 से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए आमजन राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन 1855 पर सम्पर्क कर सकते हैं। इस टोल फ्री हेल्पलाईन के माध्यम से अपने गृह पंजीकरण और आवास जनगणना कार्यों से संबंधित किसी भी प्रश्न का उत्तर अपनी भाषा में प्राप्त कर सकते हैं।