धर्मशाला: धर्मशाला में पेंपा सेरिंग ने निर्वासित तिब्बत सरकार (सेंट्रल तिब्बतन एडमिनिस्ट्रेशन) के सिक्योंग के रूप में दूसरी बार शपथ ग्रहण की।
शपथ ग्रहण समारोह में तिब्बती समुदाय के प्रतिनिधियों और विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
पेंपा सेरिंग ने अपने संबोधन में तिब्बती मुद्दों, सांस्कृतिक संरक्षण और वैश्विक मंच पर तिब्बत की आवाज को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
सिक्योंग पद की शपथ लेने के बाद अपने सम्बोधन में पेंपा सेरिंग ने कहा कि तिब्बती राष्ट्रीय पहचान को कमजोर करने के लिए चीनी सरकार के सुनियोजित प्रयासों के बावजूद, चीन तिब्बती लोगों के अपनी मातृभूमि से अटूट बंधन को कमजोर नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि सभ्यता के उदय से ही, तिब्बती लोग गहरे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव के बल पर 'बर्फ की भूमि' (तिब्बत) के सच्चे संरक्षक रहे हैं। इसलिए हम तिब्बत में रहने वाले तिब्बतियों से आग्रह करते हैं कि वे अपने बच्चों में तिब्बती भाषा, धर्म और संस्कृति पर आधारित मजबूत पहचान की भावना विकसित करके पारिवारिक स्तर से शुरुआत करें।
उन्होंने इस अवसर पर भारत, अमेरिका और उनके सभी समर्थकों की सरकारों और जनता के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सत्य और न्याय के लिए हमारे संघर्ष को प्रभावी ढंग से जारी रखने के लिए आपका समर्थन अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने परम पावन चौदहवें दलाई लामा के दीर्घायु जीवन की प्रार्थना करते हुए कहा कि उनके द्वारा परिकल्पित चार प्रमुख प्रतिबद्धताओं के महान विचार विश्वभर में फैलते रहें।
उन्होंने कहा कि आने वाले कार्यकाल में वे समुदाय के हितों की रक्षा और संगठन को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।