भगवंत मान सरकार की ‘सेहत योजना’ से लोगों को बड़ी राहत

चंडीगढ़: पंजाब में बढ़ रही मौसमी बीमारियों के बीच ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ लोगों के लिए राहत का बड़ा सहारा बनकर सामने आ रही है। भगवंत मान सरकार की इस योजना के तहत जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, योजना के माध्यम से मरीजों को उपचार, जांच और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं में सहायता प्रदान की जा रही है। मौसमी बीमारियों के बढ़ते मामलों के बीच अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

सिविल अस्पताल पटियाला के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. विकास गोयल ने बताया कि यह स्थिति हर वर्ष ओपीडी में दिखाई देने वाले समान्य मौसमी दबाव को दर्शाती है. उन्होंने यह भी कहा कि अधिकांश मामले प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल स्तर पर आसानी से संभाले जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि अत्यधिक गर्मी के कारण एक्यूट फेब्राइल इलनेस, उल्टी,दस्त, सिरदर्द, श्वसन संक्रमण और त्वचा व आँखों से जुड़ी एलर्जी के मामले बढ़ जाते हैं. गरम मौसम के कारण लोग अक्सर इलाज में देरी कर देते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है.

डॉ. विकास गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना मरीज़ों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है क्योंकि इससे उन्हें बिना आर्थिक बोझ के अस्पताल में भर्ती होकर कैशलेस उपचार मिल रहा है.

पंजाब की 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' के हालिया आंकड़े बताते हैं कि पिछले चार महीनों में, 'एक्यूट फेब्राइल इलनेस' कैशलेस इलाज के क्लेम की सबसे बड़ी श्रेणियों में से एक बनकर उभरी है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA) से प्राप्त हालिया डेटा के अनुसार, पंजाब में 'एक्यूट फेब्राइल इलनेस' के 5,840 मामले दर्ज किए गए, जिनके क्लेम का भुगतान 1.31 करोड़ रुपये के चौंकाने वाले आंकड़े तक पहुंच गया।

इसके अलावा, ये आंकड़े जल-जनित (पानी से फैलने वाली) और सांस से जुड़ी बीमारियों के मामलों को भी दर्शाते हैं। 'एंटेरिक फीवर' (आंत्र ज्वर) के 1,396 मामले दर्ज किए गए, जिनके क्लेम की राशि 30.47 लाख रुपये थी। इसके बाद 'निमोनिया' के 377 मामले सामने आए, जिन पर 11.06 लाख रुपये खर्च हुए, जबकि 'एक्यूट ब्रोंकाइटिस' के 326 मामले दर्ज किए गए, जिन पर 9.24 लाख रुपये से ज्यादा का खर्च आया।

सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य आम लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग भी समय पर इलाज प्राप्त कर सके। वहीं, लोगों ने भी योजना को राहत देने वाला कदम बताया है।