हिसार: एमआरपी (अधिकतम खुदरा मूल्य) के मनमाने निर्धारण के विरोध में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कई उत्पादों पर कंपनियां मनमाने तरीके से एमआरपी तय कर रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की कि एमआरपी निर्धारण में पारदर्शिता लाई जाए और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए सख्त नियम बनाए जाएं।
संगठन के पदाधिकारियों एवं जागरूक नागरिकों ने सरकार से एमआरपी व्यवस्था में पारदर्शिता लाने तथा उपभोक्ताओं के आर्थिक शोषण पर रोक लगाने की मांग उठाई।
प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए इकाई के जिला अध्यक्ष सुमित सैनी ने मंगलवार के कहा कि वर्तमान समय में अनेक निर्माता कंपनियां वस्तुओं पर वास्तविक कीमत से कहीं अधिक एमआरपी अंकित कर रही हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं के सामने भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है और उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत एक गैर-राजनीतिक संगठन के रूप में ग्राहक जागरण अभियान के माध्यम से लगातार उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए कार्य कर रही है।
इस प्रदर्शन के दौरान संगठन ने सरकार के समक्ष महत्वपूर्ण मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से एमआरपी निर्धारण के लिए स्पष्ट एवं पारदर्शी नियम बनाने, प्रत्येक उत्पाद पर ‘फस्र्ट सेलिंग प्राइस’ अर्थात निर्माता द्वारा निर्धारित मूल बिक्री मूल्य अंकित करना अनिवार्य करने तथा कंपनियों द्वारा अनुचित तरीके से निर्धारित एमआरपी पर नियंत्रण लगाने की मांग शामिल थी।
प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी भी की गई और चेतावनी दी गई कि यदि इस मुद्दे पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।