पठानकोट: भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों की गोपनीय जानकारी सीसीटीवी के जरिए साझा करने के मामले में पठानकोट पुलिस ने 3 और आरोपियों को रविवार देर रात गुरदासपुर से अरेस्ट किया है। इनमें से एक पहले से गिरफ्तार मुख्य आरोपी बलजीत सिंह उर्फ बीतू का सगा भाई हरदीप सिंह है। यह सभी देश विरोधी ताकतों और पाकिस्तान स्थित आईएसआई हैंडलर्स के संपर्क में थे, जिसने आरोपी का मोबाइल छिपाया था और पुलिस से बचाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उसे भी दबोच लिया। इसके अलावा 2 अन्य आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं जोकि, गुरदासपुर के रहने वाले हैं। बता दें कि इस मामले में अब तक 5 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। एक फरार है और 2 पहले से जेल में बंद हैं।
सीसीटीवी से पाकिस्तान भेज रहे थे खूफिया जानकारी
पंजाब की पठानकोट पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने एक संयुक्त और त्वरित कार्रवाई करते हुए सीमा पार बैठी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (आईएसआई) के एक बहुत बड़े हाई-टेक जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस पूरे मामले में पुलिस अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। यह नेटवर्क राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) पर सुजानपुर के पास बाकायदा सीसीटीवी कैमरे लगाकर भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों की लाइव मूवमेंट सीधे पाकिस्तान भेज रहा था।
कैसे हुआ देश-विरोधी नेटवर्क का खुलासा?
सुरक्षा एजेंसियों और सुजानपुर पुलिस को पुख्ता खुफिया इनपुट मिले थे कि पठानकोट क्षेत्र में देश की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा को सीधे तौर पर खतरे में डालने वाली कुछ राष्ट्र-विरोधी गतिविधियां सक्रिय हैं। इनपुट्स के आधार पर सुजानपुर पुलिस स्टेशन में 21 मई को मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और देश के सबसे सख्त कानूनों के तहत एफआईआर दर्ज की है।