चंडीगढ़ (दलजीत अज्नोहा) : पंजाब सरकार के दूरदर्शी नेतृत्व में शुरू की गई “रंगला पंजाब” पहल राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पर्यटन विरासत को पुनर्जीवित करने और बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बनकर उभर रही है। पंजाब पर्यटन विभाग राज्य की जीवंत परंपराओं, विरासत स्थलों, धार्मिक स्थलों, ईको-टूरिज्म और ग्रामीण सौंदर्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
पंजाब पर्यटन विभाग के निदेशक डॉ. संजीव कुमार तिवारी ने कहा कि पंजाब सरकार की “रंगला पंजाब” पहल न केवल राज्य की गौरवशाली विरासत को संरक्षित कर रही है, बल्कि पर्यटन आधारित रोजगार, सांस्कृतिक प्रचार और आर्थिक विकास के नए अवसर भी पैदा कर रही है।
डॉ. तिवारी ने बताया कि पंजाब सरकार विश्वस्तरीय पर्यटन ढांचे के विकास, विरासत स्थलों के सौंदर्यीकरण, डिजिटल पर्यटन को बढ़ावा देने और पर्यटन गतिविधियों में जनभागीदारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पंजाब अपनी समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, आध्यात्मिक महत्व, लोक संस्कृति, पारंपरिक खान-पान और मेहमाननवाजी के लिए देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने की अपार क्षमता रखता है।
उन्होंने आगे कहा कि “रंगला पंजाब” अभियान के तहत विरासत पर्यटन, धार्मिक पर्यटन, ईको-टूरिज्म और ग्रामीण पर्यटन को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। राज्य के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों, संग्रहालयों और सांस्कृतिक केंद्रों पर पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।
डॉ. तिवारी ने यह भी बताया कि पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों का विभाग विभिन्न हितधारकों के साथ मिलकर सांस्कृतिक मेलों, विरासत कार्यक्रमों और पर्यटन अभियानों का आयोजन कर रहा है, जो “रंगला पंजाब” की वास्तविक भावना को प्रदर्शित करते हैं।
पंजाब सरकार का मानना है कि पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बन सकता है, साथ ही पंजाब की पहचान, परंपराओं और सांस्कृतिक गौरव को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिला सकता है।