पुलिस-जनता बैठक में महिला सुरक्षा और नशा मुक्ति पर फोकस

नई दिल्ली: पूर्वी जिले में पुलिस और आम नागरिकों के बीच संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें साइबर ठगी, महिला सुरक्षा और नशा मुक्त दिल्ली जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने लोगों को साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए और संदिग्ध कॉल, लिंक या मैसेज से सतर्क रहने की सलाह दी। साथ ही महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने और हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी भी साझा की गई।

इस दौरान नशा मुक्त समाज के निर्माण पर भी जोर दिया गया और लोगों से अपील की गई कि वे नशे के खिलाफ मुहिम में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

बैठक की अध्यक्षता स्पेशल पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) जोन-1 देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने की। कार्यक्रम में पूर्वी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त डॉ. अजीत कुमार सिंगला, पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार मौजूद रहे।

साइबर अपराध से बचाव को लेकर लोगों को किया जागरूक

कार्यक्रम के दौरान साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन ठगी से बचाव को लेकर विशेष जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया। अधिकारियों ने लोगों को डिजिटल अरेस्ट ठगी, ओटीपी फ्रॉड, फर्जी निवेश योजनाओं, सोशल मीडिया से जुड़े अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बारे में जानकारी दी। लोगों को बताया गया कि साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। साथ ही आधिकारिक साइबर अपराध पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत करने की सलाह दी गई। अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या निवेश योजना पर बिना जांच भरोसा नहीं करने की सलाह दी गई।

स्पेशल पुलिस आयुक्त देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सुरक्षित समाज के निर्माण में सामूहिक भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों को साइबर अपराध की तत्काल रिपोर्टिंग, महिला अपराधों के खिलाफ पुलिस की सख्त नीति और नशा मुक्त दिल्ली अभियान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने लोगों से अपने घरों में काम करने वाले घरेलू सहायकों और किरायेदारों का पुलिस सत्यापन कराने की अपील भी की। अधिकारियों के मुताबिक यह कदम अपराध रोकने में अहम भूमिका निभा सकता है।

महिला सुरक्षा और नशा विरोधी अभियान पर फोकस

पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जनता और पुलिस के बीच मजबूत समन्वय जरूरी है। उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार साइबर अपराध रोकने, महिला सुरक्षा मजबूत करने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान भी लगातार चलाया जा रहा है। बीट पुलिसिंग को मजबूत किया जा रहा है ताकि पुलिस की स्थानीय स्तर पर मौजूदगी बढ़े और लोगों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत हो। पुलिस उपायुक्त ने लोगों से अपील की कि वे अपने इलाके में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी स्थानीय पुलिस को तुरंत दें। उन्होंने कहा कि अपराध रोकने में जनता की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के संवाद कार्यक्रमों से जनता और पुलिस के बीच विश्वास मजबूत होता है, जिससे अपराध नियंत्रण में भी मदद मिलती है।