फर्जी सहमति पत्र कांड में ED का बड़ा एक्शन

जालंधर: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी CLU (चेंज ऑफ लैंड यूज) सहमति पत्र मामले में आरोपी अजय सहगल को गिरफ्तार कर लिया है।

जांच एजेंसी के अनुसार, यह मामला जमीन उपयोग परिवर्तन से जुड़े फर्जी दस्तावेजों के जरिए अवैध लाभ उठाने से संबंधित है। आरोप है कि नकली सहमति पत्रों के माध्यम से नियमों को दरकिनार कर भूमि उपयोग में बदलाव किया गया।

ईडी अधिकारियों ने बताया कि मामले में वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की भी जांच की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।


फर्जी सिग्नेचर से CLU लेने का खुलासा, जांच तेज: इन फर्जी सहमति पत्रों के आधार पर आरोपियों को 'सनटेक सिटी' नामक रियल एस्टेट मेगा प्रोजेक्ट विकसित करने के लिए सीएलयू दिया गया। सीएलयू लेने के लिए भूस्वामियों के फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान का इस्तेमाल हुआ। इससे पहले ईडी ने 7 मई को इंडियन कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसाइटी और एबीएस टाउनशिप प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े आठ परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया था।

21 लाख रुपये बालकनी से फेंके, अवैध फ्लैट बिक्री का मामला उजागर: तलाशी के दौरान बालकनी की जाली से 21 लाख रुपये नकद नीचे सड़क पर फेंके गए, जिन्हें बाद में ईडी अधिकारियों ने बरामद कर लिया। अजय सहगल ने फर्जी सहमति पत्रों से प्राप्त सीएलयू के आधार पर ला कैनेला आवासीय बहुमंजिला परिसर और डिस्ट्रिक्ट 7 वाणिज्यिक परिसर भी विकसित किए। ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि इन परियोजनाओं में रेरा पंजीकरण और मंजूरी से पहले ही इकाइयों की बिक्री की जा रही थी।

इस कार्रवाई को भूमि घोटालों और आर्थिक अपराधों के खिलाफ एजेंसियों की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है।