चंडीगढ़: ड्रग तस्करी और ड्रोन के जरिए हो रही अवैध गतिविधियों पर सख्त रुख अपनाते हुए हाईकोर्ट ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को हर तीन महीने में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने कहा कि सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से नशीले पदार्थों की तस्करी गंभीर चिंता का विषय है और इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निरंतर निगरानी आवश्यक है।
हाईकोर्ट ने एजेंसियों को समन्वय बढ़ाने और इस तरह के नेटवर्क को तोड़ने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा है। साथ ही, कार्रवाई की प्रगति से अदालत को नियमित रूप से अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।
अदालत ने एक समाचार पत्र में प्रकाशित एक खबर के आधार पर स्वतः संज्ञान लिया था। खबर में सीमा सुरक्षा बल द्वारा पंजाब में बढ़ती ड्रग तस्करी और सीमा पार से ड्रोन के जरिए भेजे जा रहे नशीले पदार्थों को लेकर गंभीर चिंता जताई गई थी। समाचार रिपोर्ट में बताया गया था कि बीएसएफ ने पंजाब पुलिस को 75 ऐसे व्यक्तियों की सूची सौंपी थी, जो कथित रूप से ड्रग तस्करी में शामिल पाए गए थे। इसके साथ ही यह भी सामने आया था कि वर्ष 2023 के दौरान सीमा क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से भारत भेजे जा रहे लगभग 755 किलोग्राम नशीले पदार्थ बरामद किए गए। इतना ही नहीं, तस्करी के इस नेटवर्क के साथ हथियारों की सप्लाई भी जुड़ी हुई मिली और कई राइफल तथा पिस्तौल भी जब्त की गईं।
हर 3 महीने में विस्तृत रिपोर्ट अनिवार्य: खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि पंजाब, हरियाणा और यूटी चंडीगढ़ के डीजीपी व नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के महानिदेशक नियमित रूप से यह जानकारी देंगे कि कितने मामलों में एफआईआर दर्ज हुई, कितनी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद हुए, उनका निस्तारण कैसे किया गया और नशा मुक्ति के लिए क्या कदम उठाए गए। अदालत ने यह जिम्मेदारी हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के माध्यम से तय की है ताकि भविष्य में इन रिपोर्टों की न्यायिक समीक्षा की जा सके।