राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने लोक भवन हरियाणा में हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग की 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट के विमोचन अवसर पर कहा कि निर्धारित समय अवधि में आमजन तक सरकारी सेवाएं उपलब्ध करवाने में हरियाणा देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है, जो कि हम सबके लिए गर्व की बात है। उन्होंने सरकार द्वारा लागू ‘ऑटो अपील सिस्टम’ की भी सराहना की, जिसके कारण निर्धारित समय अवधि गुजरते ही आवेदन स्वचालित रूप से अपील में बदल जाता है और समाधान के लिए उच्च अधिकारियों की जानकारी में पहुंच जाता है। प्रो. असीम कुमार घोष ने आयोग, राज्य सरकार तथा इस प्रयास से जुड़े सभी अधिकारियों को सार्वजनिक सेवा वितरण को सुदृढ़ करने के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता के लिए बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लगातार इस बात पर जोर दिया है कि शासन केवल प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे वास्तविक परिणामों पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि केवल फाइल का आगे बढ़ना कार्य की पूर्णता नहीं माना जा सकता, जब तक कि शिकायत का समाधान तार्किक निष्कर्ष तक न पहुंचे। राज्यपाल ने यह भी रेखांकित किया कि शिकायत निवारण लोकतंत्र का एक प्रमुख स्तंभ है, जहां प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध और सार्थक उत्तर मिलना चाहिए, और जहां प्रौद्योगिकी एवं सुशासन मिलकर सार्वजनिक सेवा के सशक्त माध्यम बनते हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी जानते हैं कि प्रभावी शासन पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध सेवा वितरण पर आधारित होता है। हरियाणा राइट टू सर्विस ढांचा इन सिद्धांतों को सुव्यवस्थित रूप में एक साथ लाता है। निर्धारित समय सीमा, प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी तय करना तथा विलंब की स्थिति में स्वतः अपील की व्यवस्था—ये सभी सेवा वितरण को सुनियोजित और अधिकार-आधारित प्रक्रिया बनाते हैं। प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि हरियाणा ने एक सशक्त और उत्तरदायी प्रणाली विकसित की है, जिसे अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श के रूप में देखा जा रहा है। विशेष रूप से ऑटो अपील सिस्टम के माध्यम से प्रौद्योगिकी का उपयोग प्रशासनिक निगरानी को मजबूत बनाता है और सेवा वितरण को अधिक सुसंगत एवं मापनीय बनाता है। इसके लिए उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासनिक प्रयासों की सराहना की।