रिवीजन पिटीशन दाखिल की 2007 से जुडे़ मामले में
चंडीगढ़ 24 सितंबर। एक बार फिर डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की मुश्किलें बढ़ने की पूरी आशंका है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी यानि एसजीपीसी ने उससे जुड़े मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में रिवीजन याचिका दाखिल की है। जानकारी के मुताबिक यह धार्मिक भावनाओं को भड़काने से जुड़ा मामला है। इसमें सेशन जज के आदेश को चुनौती दी गई। बताते हैं कि 7 नवंबर को इस मामले की सुनवाई होगी।
यह था 2007 का विवाद :
Men 2007 में डेरा मुखी ने श्री गुरु गोबिंद सिंह का स्वांग रचा था। उसके बाद यह मामला श्री अकाल तख्त साहिब तक पहुंचा था। फिर श्री अकाल तख्त ने डेरा मुखी और उसके समर्थकों के बायकाट का आदेश सुनाया था। उस समय एसजीपीसी ने धार्मिक भावनाओं को भड़काने संबंधी याचिका दायर की थी। साल 2015 में बठिंडा जिला अदालत ने समन (याचिका) को खारिज कर दिया था। अब हाईकोर्ट में एसजीपीसी ने याचिका में कहा है कि जब समन रद किए थे, उस समय राम रहीम पर रेप और हत्या के दोष नहीं थे। जबकि अब डेरा मुखी अब हत्या और रेप के केस में दोषी करार दिया जा चुका है। ऐसे में सुनवाई होनी चाहिए। अदालत की तरफ से अभी तक इस मामले में किसी को नोटिस जारी नहीं किया है। अदालत द्वारा मामले अगले महीने सुनवाई होगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
———