बायजूस के फाउंडर बायजू रवींद्रन ने अमेरिका की अदालत में 2.5 बिलियन डॉलर के डैमेज क्लेम की तैयारी शुरू कर दी है। उनका कहना है कि नए सबूत दिखाएंगे कि ‘ग्लास’ ट्रस्ट की तरफ से लगाए गए 533 मिलियन डॉलर के ‘अल्फा फंड्स’ डायवर्जन के आरोप बिल्कुल बेबुनियाद हैं। ये कदम ऐसे वक्त में आया है जब डेलावेयर बैंकरप्सी कोर्ट ने रवींद्रन को 1 बिलियन डॉलर से ज्यादा चुकाने का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि बायजूस ने 2021 में लिए गए 1.2 बिलियन डॉलर के टर्म लोन में लगभग आधा पैसा गायब होने की जांच में सहयोग नहीं किया।
30 दिन का समय नहीं दिया गया
रवींद्रन ने कहा कि उन्हें अमेरिकी वकील चुनने के लिए 30 दिन नहीं दिए गए। उन्होंने कहा कि वे न सिर्फ आदेश के खिलाफ अपील करेंगे, बल्कि ‘ग्लास’ ट्रस्ट और जुड़े लोगों पर 2.5 बिलियन डॉलर का मुआवजा भी मांगेंगे। उनका कहना है कि पूरा 533 मिलियन डॉलर सही तरीके से टीएलपीएल और अन्य संस्थाओं में गया था।
ग्लास ट्रस्ट के पास पहले से थे सबूत
रवींद्रन के मुताबिक ‘ग्लास’ ट्रस्ट के पास 2025 से डॉक्युमेंट्स मौजूद थे, जो दिखाते हैं कि पैसा टीएलपीएल में सही तरीके से लगा। उनका आरोप है कि ‘ग्लास’ और रेजॉल्यूशन प्रोफेशनल ने अदालतों में झूठ बोला। 28 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने बायजू की NCLAT याचिका खारिज कर दी। इससे बायजूस के लिए मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
