वेस्ट तहसील में गांव नूरपुर की बेशकीमती जमीन की फर्जी रजिस्ट्री करने का मामला
लुधियाना 27 मार्च। गांव नूरपूर में स्थित एनआरआई की बेशकीमती जमीन की जाली रजिस्ट्री करवाकर ठगी करने के मामले में विजिलेंस ब्यूरो लुधियाना ने बड़ा एक्शन लिया है। इस मामले में विजिलेंस की और से जाली दीप सिंह बनने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान हंबड़ा रोड स्थित प्रताप सिंह वाला के गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी के रुप में हुई है। आरोपी से विजिलेंस की और से पूछताछ की जा रही है। जानकारी के अनुसार गांव नूरपुर बेट के रहने वाले दीप सिंह ही उक्त बेशकीमती जमीन के मालिक है। लेकिन दीप सिंह अमेरिका सिटीजन है। इसी बात का फायदा उठाकर आरोपियों ने मिलीभगत करके उक्त आरोपी गुरप्रीत सिंह को जाली दीप सिंह बनाया। जिसके बाद उसे तहसील में असली दीप सिंह बताते हुए रजिस्ट्री पंचकूला के दीपक गोयल के नाम पर करवा दी थी। लेकिन जब इस मामले का खुलासा हुआ तो विजिलेंस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु की। जांच के दौरान पता चला कि उक्त आरोपी गुरप्रीत सिंह ही जाली दीप सिंह एनआरआई बनकर रजिस्ट्री करवाने गया था। जिसके बाद से विजिलेंस लगातार आरोपी की तलाश कर रही थी। लेकिन वह फरार था। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी शहर में घूम रहा है। जिसके बाद रेड करके उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पहले भी हो चुके कई आरोपी गिरफ्तार
विजिलेंस की और से पहले भी इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस ठगी की पूरी कहानी रचने वाले प्रॉपर्टी डीलर गांव फागला के गुरजोत सिंह को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा गवाही देने वाले वकील गुरचरन सिंह मरवाहा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। हालाकि इस मामले में तहसीलदार जगसीर सिंह सरां, रजिस्ट्री क्लर्क कृष्ण गोपाल राजू, दीपक गोयल खरीदार, नंबरदार बघेल सिंह, अमित गौड़, क कंप्यूटर ऑपरेटर की तलाश की जा रही है।
तहसीलदार अभी भी गिरफ्त से बाहर
वहीं इस मामले में किंगपिन माने जाते तहसीलदार जगसीर सिंह सरां अभी भी गिरफ्तार नहीं हो सका है। चर्चा है कि उसकी दो महीने बाद रिटायरमेंट है। चर्चा है कि जगसीर की गिरफ्तारी के बाद बड़े घोटालों से पर्दा उठ सकता है। लेकिन जगसीर सिंह की गिरफ्तारी न करके उसे राहत दी जा रही है। अब देखना होगा कि विजिलेंस कितनी जल्दी मामले में एक्शन लेकर जगसीर सिंह को गिरफ्तार करती है।