पंजाब 31 जुलाई। पंजाब पुलिस की कोरोना वॉरियर रही महिला इंस्पेक्टर अर्शप्रीत कौर ग्रेवाल को नशा तस्कर को पांच लाख रुपए रिश्वत लेकर छोड़ने का आरोप लगा था। जिसके बाद विभाग द्वारा 9 महीने पहले सस्पेंड कर दिया था। लेकिन अब कोर्ट ने अर्शप्रीत को भगौड़ा घोषित कर दिया है। थाना कोट इसे खां में अर्शप्रीत कौर के खिलाफ धारा 209 के तहत केस दर्ज किया है। अर्शप्रीत की अग्रिम जमानत याचिका रद्द हो चुकी है। मोगा जिले के थाना कोट इसे खां में जब अर्शप्रीत बतौर एसएचओ तैनात थी, तो उन पर 5 लाख रुपए लेकर नशा तस्करों को छोड़ने के आरोप लगे। इस मामले में उसके साथ 2 मुंशियों को भी सस्पेंड करके उनके खिलाफ भी केस दर्ज किया। डीएसपी ने इस केस की जांच की थी।
जांच में हुए कई अहम खुलासे
डीएसपी की जांच में पता चला कि लेडी एसएचओ ने दोनों मुंशियों के साथ मिलकर 3 नशा तस्करों को पकड़ा। फिर उन्हें 5 लाख रुपए की रिश्वत लेकर छोड़ दिया। दर्ज कराई एफआईआर के मुताबिक, कोट इसे खां थाने में तैनात एसएचओ अर्शप्रीत कौर ग्रेवाल ने 1 अक्टूबर को नाके पर दातेवाला रोड के अमरजीत नामक नशा तस्कर को पकड़ा। उससे 2 किलो अफीम बरामद हुई। कार्रवाई में एसएचओ अर्शप्रीत कौर के साथ कोट इसे खां थाने के मुंशी गुरप्रीत सिंह और बालखंडी चौकी के मुंशी राजपाल सिंह भी शामिल थे। इन्होंने जब आरोपी से पूछताछ की तो पता चला कि उसके साथ नशे की तस्करी में उसका बेटा गुरप्रीत सिंह और भाई मनप्रीत सिंह भी शामिल थे।