चंडीगढ़, 29 अगस्त:
जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण सतलुज, ब्यास, रावी और उझ नदियाँ उफान पर हैं। पंजाब पुलिस, भारतीय सेना, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और नागरिक प्रशासन की टीमें मिलकर काम कर रही हैं और अब तक 7689 लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है, यह जानकारी विशेष पुलिस महानिदेशक (विशेष डीजीपी) कानून एवं व्यवस्था अर्पित शुक्ला ने शुक्रवार को दी।
बाढ़ से प्रभावित जिलों में पठानकोट, होशियारपुर, गुरदासपुर, कपूरथला, तरनतारन, फाजिल्का और फिरोजपुर शामिल हैं।
राज्य में स्थिति पर व्यक्तिगत रूप से नज़र रख रहे विशेष पुलिस महानिदेशक अर्पित शुक्ला ने बताया कि पंजाब पुलिस ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत शिविर लगाए हैं, जहाँ निकाले जा रहे लोगों के लिए खाने-पीने और दवाइयों के लंगर लगाए गए हैं, साथ ही मवेशियों के लिए चारा भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा, “लोगों को निकालने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है, साथ ही खाने के पैकेट और अन्य ज़रूरी चीज़ें पहुँचाने के लिए भी ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है।”
उन्होंने बताया कि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए भारतीय सेना के 20 हेलीकॉप्टर राज्य में तैनात किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित जिलों के एसएसपी को फील्ड में रहकर अपने-अपने जिलों में स्थिति की नियमित निगरानी करने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि सभी व्यवस्थाएँ पूरी कर ली गई हैं और एसएसपी राहत कार्यों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है।
मौसम विभाग द्वारा चार दिन का अलर्ट जारी किए जाने के बाद विशेष डीजीपी ने बताया कि पंजाब पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है तथा बाढ़ से संबंधित किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है।