कई ज़िलों में लगातार बारिश होती रही और घग्गर व ब्यास नदियां उफान पर
चंडीगढ़/यूटर्न/31 अगस्त। पंजाब में बाढ़ की स्थिति रविवार को और बिगड़ गई। कई ज़िलों में लगातार बारिश होती रही और घग्गर व ब्यास नदियां उफान पर हैं।
जानकारी के मुताबिक रावी नदी, जिसमें कुछ दिन पहले 14.11 लाख क्यूसेक पानी था, ज़्यादातर अमृतसर की ओर ले आई है। जिससे शहर के कई हिस्से और 15 गाव, जिनमें से ज़्यादातर अजनाला में हैं, जलमग्न हो गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पानी के पाकिस्तान की ओर बढ़ने के बाद ही स्थिति में सुधार होगा। पाकिस्तान के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित अजनाला के अधिकांश हिस्सों में बाढ़ से भारी तबाही हुई है। अब तक, इस विनाशकारी बाढ़ में 26 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें सिंचाई विभाग का एक कर्मचारी भी शामिल है। जो पिछले हफ़्ते माधोपुर बैराज के गेट खोलने की कोशिश करते हुए रावी नदी में गिर गया था।
नदियों के उफान और बांध के जलाशयों से नियंत्रित मात्रा में पानी छोड़े जाने से बाढ़ से 990 से ज़्यादा गांव प्रभावित हुए हैं। रविवार सुबह बारिश के कारण ब्यास नदी का जलस्तर फिर बढ़ गया। ढिलवां बाढ़ प्रभावित सुल्तानपुर लोधी के पास है, जिसमें जलस्तर 2.35 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया। ऐसा चक्की बांध से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने से हुआ।
सीम मान ने पीएम मोदी से 60,000 करोड़ रुपये मांगे
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उनसे “राज्य के कोष” में से 60,000 करोड़ रुपये जारी करने का आग्रह किया। जिसके बारे में उन्होंने दावा किया कि यह केंद्र के पास फंसा हुआ है।मान ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) में उपलब्ध धनराशि के मानदंडों में संशोधन की भी मांग की और कहा कि उनकी सरकार प्रभावित किसानों को प्रति एकड़ कम से कम 50,000 रुपये का भुगतान करना चाहती है।
घग्गर नदी ने हरियाणा और पंजाब के कई शहरों को जलमग्न कर दिया :
मारकंडा और टांगरी नदियों से अतिरिक्त पानी आने के बाद घग्गर नदी भी उफान पर है। जिससे हरियाणा के कई हिस्से जलमग्न हो गए हैं। चीका-हरियाणा, खनौरी-संगरूर और सरदूलगढ़ मानसा में जलस्तर बहुत ऊँचा होने के बावजूद अभी भी खतरे के निशान से नीचे है। प्रशासन ने नदी किनारे के इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों से किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा है।
हिमाचल में रेड अलर्ट : हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर राज्य के बुनियादी ढांचे पर लगातार पड़ रहा है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, तीन राष्ट्रीय राजमार्गों सहित 819 सड़कें, 1,236 बिजली ट्रांसफार्मर और 424 जलापूर्ति योजनाएं पूरे क्षेत्र में बाधित हुई हैं। जानकारी के अनुसार, जून से अब तक राज्य में कुल मौतों का आंकड़ा 320 तक पहुंच गया है। इनमें से 166 मौतें भूस्खलन, अचानक बाढ़ और बिजली गिरने जैसी वर्षाजनित घटनाओं के कारण हुईं, जबकि 154 मौतें सड़क दुर्घटनाओं में हुईं।