जगरांव (चरणजीत सिंह चन्न) : पंजाब की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। हाल ही में मीडिया में आई उस रिपोर्ट पर शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने तीखा एतराज जताया है, जिसमें पंचायत सदस्य बलजिंदर सिंह के अकाली दल छोड़कर आम आदमी पार्टी (आप) में शामिल होने का दावा किया गया था। शिअद नेताओं ने इसे ‘आप’ की खोखली लोकप्रियता हासिल करने का एक घटिया राजनीतिक हथकंडा करार दिया है।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं-सर्कल प्रधान तजिंदरपाल सिंह कन्नियां, कुलदीप सिंह और सुरेंदर सिंह परजियां बियारीपुर ने संयुक्त बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया कि बलजिंदर सिंह का अकाली दल से पिछले लंबे समय से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनावों के बाद से ही उक्त व्यक्ति विभिन्न राजनीतिक दलों के संपर्क में रहा है और पार्टी की गतिविधियों से उसका कोई संबंध नहीं है।
अकाली नेताओं ने कड़े शब्दों में कहा कि जिस व्यक्ति का पार्टी से वर्षों से कोई वास्ता नहीं है, उसे 'अकाली दल का बागी या नेता' बताकर प्रचारित करना जनता को गुमराह करने के सिवा कुछ नहीं है। यदि ‘आप’ के पास ज़मीनी स्तर पर कोई वास्तविक उपलब्धि है, तो उसे तथ्यों के साथ जनता के सामने लाना चाहिए, न कि फर्जी जोड़-तोड़ की खबरों से अपनी पीठ थपथपानी चाहिए।
शिअद नेताओं ने अंत में दोटूक शब्दों में कहा कि पार्टी का एक भी वफादार कार्यकर्ता या पदाधिकारी इधर-उधर नहीं गया है। अकाली कैडर अपनी मातृ पार्टी के साथ चट्टान की तरह खड़ा है और ऐसे ओछे हथकंडों से ज़मीनी हकीकत नहीं बदली जा सकती।