लुधियाना: पंजाब में बिजली संकट को लेकर दावों और जमीनी आदेशों के बीच विरोधाभास ने उद्योग जगत में नई बहस छेड़ दी है। दिन में “आज से पंजाब में पावर कट नहीं लगेंगे” और बिजली आपूर्ति सामान्य रहने का दावा सामने आया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद लुधियाना सर्किल की इंडस्ट्री के लिए 13 घंटे से ज्यादा की बिजली कटौती का आदेश जारी हो गया। इससे उद्योगपतियों में सवाल उठ रहे हैं कि जब कटौती अभी भी जारी है तो पावर कट खत्म होने का दावा आखिर किस आधार पर किया जा रहा है।
जारी निर्देशों के अनुसार लुधियाना सर्किल के *कैटेगरी-2 और कैटेगरी-3 इंडस्ट्री फीडरों की बिजली 13 सितंबर शाम 4:30 बजे से 14 सितंबर सुबह 6 बजे तक* बाधित रखने को कहा गया है। इस तरह उद्योगों को लगातार साढ़े 13 घंटे तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा।
बिजली कटौती की वजह *TSPL तलवंडी साबो और NPL के यूनिटों का बंद होना तथा RSD यूनिटों से कम बिजली उपलब्ध होना* बताया गया है। आदेश में कहा गया है कि बिजली की कमी की आपात स्थिति को संभालने और ग्रिड सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उच्च अधिकारियों के निर्देश पर औद्योगिक फीडरों पर कट लगाया गया है।
### *पहले से गुस्से में डाइंग इंडस्ट्री, अब सड़क जाम की तैयारी*
लगातार बिजली कटौती से परेशान लुधियाना की डाइंग इंडस्ट्री पहले ही आंदोलन का ऐलान कर चुकी है। *लुधियाना डाइंग एसोसिएशन ने सोमवार, 14 सितंबर को दोपहर 2:30 बजे चंडीगढ़ रोड स्थित वर्धमान चौक पर धरना देकर सड़क जाम करने की घोषणा की है।*
एसोसिएशन ने अपने सभी सदस्यों से अधिक से अधिक संख्या में लेबर के साथ प्रदर्शन में पहुंचने को कहा है। इसके साथ ही टेक्सटाइल और होजरी उद्योग से जुड़ी अन्य एसोसिएशनों से भी आंदोलन में शामिल होकर समर्थन देने की अपील की गई है।
उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि अचानक और लंबे समय तक बिजली बंद होने से उत्पादन शेड्यूल बिगड़ता है। खासकर डाइंग जैसी प्रक्रिया आधारित इंडस्ट्री में बिजली बीच में जाने से मशीनरी, तैयार हो रहे माल और डिलीवरी शेड्यूल पर सीधा असर पड़ता है।
### *इंडस्ट्री का सवाल—कट जारी हैं तो ‘पावर कट खत्म’ कैसे?*
ताजा आदेश के बाद उद्योग जगत में सबसे बड़ा सवाल सरकारी दावों और वास्तविक बिजली आपूर्ति के बीच अंतर को लेकर उठ रहा है। उद्योगपति पूछ रहे हैं कि *एक तरफ पावर कट खत्म होने की बात कही जा रही है, जबकि दूसरी तरफ उसी दिन 13 घंटे से ज्यादा के औद्योगिक कट का आदेश जारी हो रहा है।*
अब सोमवार के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले बिजली संकट का मुद्दा और गरमा गया है। कारोबारियों के बीच चर्चा है कि जब इंडस्ट्री को अपनी बिजली की मांग को लेकर सड़क पर उतरने और चौराहा जाम करने तक की नौबत आ गई है, तब “पावर कट खत्म” होने का दावा स्थिति को और भ्रमित कर रहा है।
*उद्योग का सीधा सवाल है—अगर बिजली कटौती वास्तव में खत्म हो चुकी है, तो लुधियाना इंडस्ट्री पर साढ़े 13 घंटे का कट आखिर किस श्रेणी में रखा जाए?*