मोहाली के वेव एस्टेट में रिटायर्ड डीजीपी अरपित शुक्ला की सुरक्षा में तैनात एएसआई ओंकार सिंह की कार्बाइन से चली पांच गोलियां लगने से मौत हो गई। पुलिस ने इसे प्रथम दृष्टया हादसा बताते हुए फाउल प्ले से इनकार किया है। परिवार ने ड्यूटी को लेकर परेशानी और छुट्टी न मिलने के आरोप लगाए हैं। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों ने सवाल उठाए।

मोहाली : पंजाब के रिटायर्ड डीजीपी अरपित शुक्ला के मोहाली स्थित आवास पर सुरक्षा ड्यूटी में तैनात एएसआई की गोली लगने से मौत हो गई। घटना वीरवार सुबह करीब छह बजे सेक्टर-85 स्थित वेव एस्टेट में हुई। मृतक की पहचान 52 वर्षीय एएसआई ओंकार सिंह निवासी नवांशहर के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार एएसआई ओंकार सिंह को कई गोलियां लगीं। बताया जा रहा है कि उन्हें करीब पांच गोलियां लगी थीं। घटना के बाद उन्हें तत्काल फेज-6 अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। ओंकार सिंह करीब 5 साल से रिटायर्ड डीजीपी की सिक्योरिटी में तैनात थे। ओंकार सिंह के तीन बच्चे हैं। बेटा यादविंदर सिंह सबसे छोटा है। दो बड़ी बेटियां है, एक बड़ी बेटी विदेश में पढ़ती है, दूसरी भी पढ़ाई कर रही है। बेटा 12वीं कक्षा में है। उनके पिता भी पंजाब पुलिस में एएसआई पद से रिटयार्ड हुए हैं, जबकि उनकी पत्नी गृहणी है।

गोली किन परिस्थितियों में चली, पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही मोहाली पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। गोली किस हथियार से चली और किन परिस्थितियों में एएसआई को गोलियां लगीं, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना के समय मौके पर कौन-कौन लोग मौजूद थे। फिलहाल पुलिस की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह हादसा था, आत्महत्या या गोली किसी अन्य परिस्थिति में चली। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के सही कारणों का पता चल पाएगा।

डीजीपी ने घटना को बताया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण
पंजाब पुलिस के मुखी डीजीपी अरपित शुक्ला ने घटना पर दुख जताते हुए इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सुबह 6 बजे ओंकार सिंह की कार्बाइन गिरी जो कि ऑटोमैटिक थी। कारपाइन से पांच गोलियां चली जो ओंकार सिंह को लगी। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा पंजाब पुलिस विभाग एएसआई ओंकार सिंह के परिवार के साथ खड़ा है। घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी मौके का जायजा लिया। पुलिस की ओर से मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। सिविल अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है।
डीएसपी सिटी -1 हरसिमरन सिंह बल ने कहा कि यह कोई फाउल प्ले नहीं है, यह एक्सीडेंटल मौत से जुड़ा मामला है। मृतक ओंकार सिंह के शव को सिविल अस्पताल फेज-6 पहुंचाया गया था। बाद दोपहर शव का पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दी गई है। मामले में 174 की कार्रवाई की गई है।

वहीं, मृतक ओंकार सिंह के परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्हें सुबह फोन आया कि ओंकार खड़े-खड़े गिर गए और कंधे में डाली गई कार्बाइन से गोलियां लगने से उनकी मौत हुई है। उनका आरोप है कि ओंकार सिंह को एक महीने से छुट्टी नहीं मिली थी। वह काफी परेशान भी था। परिवार ने कहा कि बुधवार को उनकी छुट्टी थी लेकिन किसी ने उन्हें फोन किया जिसके बाद वह किट उठाकर दोबारा ड्यूटी पर चले गए। परिवार ने कहा कि वह यहां ड्यूटी नहीं करना चाहते थे और अपनी बदली नवांशहर करवाने का प्रयास कर रहे थे। परिवार का यह भी आरोप था कि उन्हें बॉडी भी देखने नहीं दी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर गिरने से गोली चली होती तो एक गोली लगती, पांच गोलियां कैसे लग सकती है।