जगरांव (चरणजीत सिंह चन्न) : पंजाब के राजनीतिक गलियारों में हलका जगरांव एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। पिछले 14 साल से हार का सामना कर रही कांग्रेस पार्टी के भीतर इस समय ‘स्थानीय बनाम बाहरी’ की सियासत चरम पर पहुंच चुकी है। लगातार मिलती आ रही शिकस्त से आहत पार्टी कार्यकर्ताओं ने अब आर-पार की जंग का मन बना लिया है और हाईकमान पर पूरी ताकत से दबाव बनाना शुरू कर दिया है कि इस बार किसी पैराशूट नेता के बजाय पक्के तौर पर स्थानीय चेहरे को ही मैदान में उतारा जाए।
पिछले तीन चुनावों के कड़वे आंकड़े: आंकड़े गवाह हैं कि साल 2012 में जब यह हलका आरक्षित (Reserved) हुआ, तब से पार्टी लगातार बाहरी चेहरों पर दांव खेलती आई है, लेकिन हर बार चुनावी वैतरणी पार करने में नाकामयाब रही।
2012 चुनाव: पार्टी ने ईश्वर सिंह मेहरबान को टिकट दिया, लेकिन वे जीत दर्ज नहीं कर सके।
2017 चुनाव: हाईकमान ने मलकीयत सिंह दाखा पर भरोसा जताया, पर परिणाम निराशाजनक ही रहे।
2022 चुनाव: जगतार सिंह जग्गा हिस्सोवाल को चुनावी मैदान में उतारा गया, लेकिन वे भी पार्टी को जीत नहीं दिला पाए।
इन तीनों ही चुनावों में बाहरी चेहरों की असफलता ने स्थानीय कैडर का मनोबल तोड़ा है, जिसके चलते पार्टी के भीतर अब बदलाव की मांग मुखर हो गई है।
कार्यकर्ताओं का दर्द: “किराए के घर पर पंजे का बोर्ड लगाने से नहीं मिलती जीत”
नाम न छापने की शर्त पर कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं ने खुलकर अपनी भड़ास निकाली। उनका साफ कहना है कि बाहर से आने वाले नेताओं को न तो हलके के कोने-कोने की जानकारी होती है और न ही आम जनता के सुख-दुख का अहसास।
कार्यकर्ताओं ने तंज कसते हुए कहा,
"जिस नेता को चुनाव के वक्त हलके में आकर किराए पर मकान लेना पड़े और बाहर ‘पंजे वाला बोर्ड’ टांगकर यह साबित करना पड़े कि वह यहां रहता है, उससे जनता के विकास और संघर्ष की क्या उम्मीद की जा सकती है?"
क्या हाईकमान लेगा कोई बड़ा सबक?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्थानीय नेतृत्व के पास जनता से सीधा जुड़ाव और जमीनी हकीकत की पैनी समझ होती है। स्थानीय उम्मीदवार को लोग व्यक्तिगत रूप से जानते हैं, जिससे चुनावी समीकरण स्वतः मजबूत होते हैं।
अब सबकी निगाहें कांग्रेस हाईकमान पर टिकी हैं कि क्या पार्टी नेतृत्व पुरानी गलतियों से सबक लेते हुए इस बार जंगरांव की जनता और स्थानीय कार्यकर्ताओं की आवाज सुनेगा या एक बार फिर किसी बाहरी चेहरे पर दांव खेलेगा?