पंजाब के जल संसाधन एवं माइनिंग मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने गढ़शंकर के गांव डेरों में 3.73 करोड़ रुपये के सिंचाई कार्यों का उद्घाटन किया। 25.53 किलोमीटर पक्के खालों और भूमिगत पाइपलाइन से 18 गांवों को लाभ मिलेगा। नहरी सिंचाई का दायरा 1,222 एकड़ बढ़ा। वहीं 23 मोघों से 813 एकड़ क्षेत्र जुड़ा। सरकार ने भूजल पर निर्भरता घटाने और नहरी सिंचाई मजबूत करने को प्राथमिकता बताया।

होशियारपुर (दलजीत अजनोहा) : पंजाब के जल संसाधन एवं माइनिंग मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि किसानों तक अधिक से अधिक नहरी पानी पहुंचाना और भूजल संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने डिप्टी स्पीकर जय कृष्ण सिंह रौड़ी की मौजूदगी में गढ़शंकर विधानसभा क्षेत्र के गांव डेरों में बिस्त दोआब और कंडी कनाल सिस्टम के तहत 3.73 करोड़ रुपए की लागत से पूरे सिंचाई कार्यों का उद्घाटन किया।

मंत्री ने बताया कि 8.60 किलोमीटर पक्के खालों पर 1.99 करोड़ रुपए और 16.93 किलोमीटर भूमिगत पाइपलाइन पर 1.74 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। कुल 25.53 किलोमीटर के इन कार्यों से 18 गांवों के किसानों को लाभ मिलेगा। इससे नहरी सिंचाई का क्षेत्र 2658 एकड़ से बढ़कर 3880 एकड़ हो गया और 1222 एकड़ अतिरिक्त भूमि पहली बार नहरी सिंचाई के दायरे में आई।

उन्होंने बताया कि अस्थायी मोघा पॉलिसी के तहत 14 गांवों में 23 मोघे लगाए गए, जिससे 813 एकड़ क्षेत्र को पहली बार नहरी पानी मिला। इस तरह कुल 2035 एकड़ भूमि नई नहरी सिंचाई सुविधा से जुड़ी है।

डिप्टी स्पीकर जय कृष्ण सिंह रौड़ी ने नहरी नेटवर्क और मजबूत करने की मांग रखी। गोयल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य भूजल पर निर्भरता कम कर टिकाऊ सिंचाई व्यवस्था विकसित करना है।