श्रमिकों और उद्योग के लिए नए नियमों का मसौदा राज्यों को भेजा गया

चंडीगढ़: हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से नई श्रम संहिताओं (लेबर कोड) के तहत बनाए जा रहे नियमों के ड्राफ्ट को राज्यों के साथ साझा करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि इससे पूरे देश में श्रम कानूनों को एकरूपता के साथ लागू करने में मदद मिलेगी।

अनिल विज ने सुझाव दिया कि यदि किसी राज्य को अपनी स्थानीय जरूरतों के अनुसार संशोधन करने हों, तो वह बाद में किए जा सकते हैं, लेकिन मूल नियम समान होने चाहिए।

इस पर केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने विज के सुझाव की सराहना करते हुए बताया कि केंद्र सरकार 8 मई को ही नियमों का प्रारूप तैयार कर चुकी है और जल्द ही इसे सभी राज्यों को भेज दिया जाएगा।

विज चंडीगढ़ में आयोजित एक वर्चुअल बैठक में शामिल हुए, जिसकी अध्यक्षता डॉ. मांडविया ने दिल्ली से की। बैठक में देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के श्रम मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी भी जुड़े।

बैठक के दौरान विज ने हरियाणा में वेतन संहिता-2019, औद्योगिक संबंध संहिता-2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता-2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यस्थल परिस्थितियां संहिता-2020 के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने इन संहिताओं के ड्राफ्ट नियमों को सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी कर दिया है और हितधारकों से सुझाव मांगे गए हैं।

उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार श्रमिकों के हितों की रक्षा करते हुए उद्योगों के लिए सरल और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विज ने यह भी कहा कि नई श्रम संहिताएं श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम हैं, क्योंकि पुराने कानून अब बदलते औद्योगिक परिवेश के अनुरूप नहीं रह गए थे।