UK ड्रीम पर ब्रेक, वीजा नियमों ने बदली तस्वीर

चंडीगढ़: ब्रिटेन में सख्त होते वीजा नियमों और बढ़ते नौकरी संकट के चलते पंजाब के युवाओं का “विदेश जाने का सपना” टूटता नजर आ रहा है। बड़ी संख्या में पंजाबी युवक-युवतियां अब वापस भारत लौट रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, ब्रिटेन में हाल ही में लागू किए गए कड़े इमिग्रेशन नियमों, वर्क परमिट की सख्ती और सीमित रोजगार अवसरों के कारण भारतीय, खासकर पंजाबी युवाओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

कई युवाओं का कहना है कि उम्मीद के मुताबिक नौकरी और स्थायित्व न मिलने के चलते उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक और मानसिक दबाव भी बढ़ा है।

यूके के रहने वाले तिरपाल सिंह के मुताबिक ब्रिटेन सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में आव्रजन नियम बेहद सख्त कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय छात्रों और कामकाजी लोगों के लिए अपने परिवार को साथ ले जाना कठिन बना दिया गया है। न्यूनतम वेतन सीमा बढ़ा दी गई है, जिससे नौकरी पाना मुश्किल हो गया है। पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी न मिलने पर युवाओं को वापस लौटना पड़ रहा है। स्थायी निवास की अवधि बढ़ाने की चर्चाओं ने भी प्रवासियों की चिंता बढ़ा दी है।

यूके की रहने वाली पंजाबी मूल की बलजिंदर कौर का कहना है कि महंगाई ने हालात और खराब कर दिए हैं। घरों का किराया, बिजली, गैस, यात्रा और रोजमर्रा के खर्च इतने बढ़ चुके हैं कि मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए वहां टिक पाना कठिन होता जा रहा है।

रिपोर्ट के बावजूद ब्रिटेन में पंजाबी समुदाय की पहचान मजबूत बनी हुई है। लंदन, बर्मिंघम, वॉल्वरहैम्प्टन और ब्रैडफोर्ड जैसे क्षेत्रों में पंजाबी संस्कृति और भाषाई पहचान कायम है। ब्रिटिश संसद में पंजाबी मूल के सांसदों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि विदेश जाने से पहले सही जानकारी और तैयारी बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की परिस्थितियों से बचा जा सके।