मोहाली 26 फरवरी। पंजाब सरकार ने करप्शन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सरकार ने मोहाली जिले में रहे नायब तहसीलदार वरिंदरपाल सिंह धूत को नौकरी से बर्खास्त किया है। उन पर गैरकानूनी रूप से 10365 कनाल 19 मरला शामलात जमीन का म्यूटेशन पास करने का आरोप है। सरकार ने इस मामले की जांच (रिटायर्ड जज बीआर बंसल) से करवाई है। जिन्होंने सभी आरोपों को सही ठहराया है। सुप्रीम कोर्ट और सरकार के आदेशों की अवहेलना कर निजी व्यक्तियों को फायदा पहुंचाया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व अनुराग वर्मा ने 24 फरवरी 2025 को बर्खास्तगी का आदेश जारी किया।
प्रॉपर्टी डीलरों और भू-माफिया के साथ मिलकर किया खेल
धूत पर आरोप है कि प्रापर्टी डीलरों और भू-माफियों के साथ जुड़े कुछ व्यक्तियों के साथ मिलकर सारा खेल किया। उसने गांव माजरियां, सब तहसील माजरी, जिला मोहाली की जमीन के तक्सीम के इंतकाल करने को राजस्व रिकार्ड में हेराफेरी की थी। जिसमे जमीन के खेवट नंबर में मलकीयत तबदील की गई और गलत मुखत्यार नामों के जरिए आम लोग के नाम तबदील कर दी गई। 2020 में ब्यूरो ने इसी इलाके में स्थित गांव करोरां की बेशकीमती जमीन को ऐसी मिलीभगत के द्वारा मलकीयत तबदील करके आगे बेचे जाने का पर्दाफाश किया था। इस मामले में विजिलेंस ने केस दर्ज किया था। इसके अलावा ईडी भी मामले की जांच कर रही है।
ईडी ने 8 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच की थी
वरिंदर पाल सिंह धूत के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी केस दर्ज किया है। ईडी ने इस मामले में अपनी चार्जशीट फाइल कर चुकी है। एजेंसी ने 12 लोगों को आरोप बनाया है। आरोपियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 44 के तहत कार्रवाई की है। ईडी ने अप्रैल 2023 में आरोपी की अरेस्ट भी डाली थी। वहीं, उसकी चंडीगढ़ और होशियारपुर में आठ करोड़ रुपए मूल्य की आवासीय संपत्तियों को भी अस्थायी रूप से कुर्क किया है।