

अलर्ट : पंजाब और हरियाणा में भी 2 सितंबर तक कहीं जोरदार तो कुछ जगह हल्की बारिश होने के आसार
चंडीगढ़, 30 अगस्त। देश के पहाड़ी सूबों के अलावा मैदानी राज्यों में भी मानसूनी कहर अभी जारी है। शनिवार तड़के रामबन और रियासी ज़िलों के राजगढ़ और माहौर इलाकों में बादल फटने की दो घटनाएं हुईं। में एक ही परिवार के सात सदस्यों समेत कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और दो अन्य लापता हैं।
जानकारी के मुताबिक शनिवार आधी रात के बाद राजगढ़ में बादल फटा। दो घर और एक स्कूल की इमारत इसकी चपेट में आ गई। परिणामस्वरूप, तीन लोगों की जान चली गई, जबकि दो लापता हैं। ज़िला प्रशासन ने प्रभावित लोगों को राहत पहुँचाने के लिए टीमें तैनात कीं। शनिवार तड़के रियासी की माहौर तहसील में बादल फटने की एक और घटना में सात सदस्यों वाला एक परिवार पूरी तरह से तबाह हो गया।
सूत्रों के अनुसार बादल फटने से भूस्खलन हुआ, जिससे बद्दर गांव में एक घर बह गया और सात सदस्यों वाला पूरा परिवार दब गया। शव चार घंटे तक दबे रहे, जब तक कि सुबह उन्हें बाहर नहीं निकाला गया। मृतकों में नज़ीर अहमद और वज़ीरा बानो नामक एक दंपति और उनके चार, छह, आठ, 10 और 12 साल के पांच बेटे शामिल हैं।
पंजाब, हरियाणा में और अगले चार दिन बारिश :
मौसम विज्ञान विभाग का अनुमान है कि 2 सितंबर तक पंजाब और हरियाणा में मानसून सक्रिय रहेगा। चिंताजनक पहलू है कि पहले से ही भारी बारिश से जूझ रहे कई जिलों में जोरदार बारिश की संभावना है। उत्तर और पश्चिमी पंजाब के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित है। शनिवार से उत्तर और दक्षिण हरियाणा के साथ ही कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। आईएमडी ने कहा है कि मौजूदा मौसम प्रणालियाँ अगले चार दिनों में उत्तर और पश्चिम पंजाब के साथ-साथ उत्तर और दक्षिण हरियाणा में व्यापक वर्षा का संकेत दे रही हैं।
आईएमडी के अनुसार, 2 सितंबर के बाद वर्षा की गतिविधि धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद थी, लेकिन सितंबर के उत्तरार्ध में, विशेष रूप से 18 से 20 सितंबर के आसपास, मानसून की बारिश का एक और दौर फिर से शुरू हो सकता है। यदि वर्षा की मात्रा कम भी होती है तो मौजूदा स्थिति और खराब हो सकती है, क्योंकि दोनों राज्य पहले से ही अत्यधिक वर्षा का सामना कर रहे हैं।
पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, अमृतसर, फिरोजपुर, फाजिल्का, संगरूर, मानसा और मोगा सहित पंजाब के कई जिलों में इस मानसून सीज़न में सामान्य से कहीं अधिक वर्षा दर्ज की गई है। अकेले 25 से 27 अगस्त के बीच इन क्षेत्रों में औसत से लगभग आठ से नौ गुना अधिक वर्षा हुई। जिससे निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति और बिगड़ गई। गुरदासपुर, होशियारपुर, पठानकोट, अमृतसर, जालंधर, रूपनगर, मोहाली, पंजाब में फतेहगढ़ साहिब, संगरूर, मनसा, बठिंडा, फिरोजपुर और फाजिल्का, साथ ही हरियाणा के आसपास के जिले भी बाढ़ से प्रभावित हैं।