डेराबस्सी 03 April : मुबारिकपुर में विवाहित 25 वर्षीय युवती करीब चार दिनों तक बेरहम मारपीट का शिकार होती रही। उसे सिविल अस्पताल डेराबस्सी में दाखिल कराया गया जहां उसके शरीर पर मारपीट के दर्जनों निशान हैं। डॉक्टर्स की रिपोर्ट में इसकी पुष्टि भी हुई है। हालांकि पीड़िता ने अपने पति और पर सास पर बेल्टों व डंडों का आरोप लगाया है परंतु पुलिस कार्रवाई दस दिन बाद भी तफ्तीश पर ही सिमटी हुई है। मुबाारिकपुर पुलिस ने बयान ही दर्ज किए हैं जबकि एफआईआर के लिए डॉक्टरी ऑपिनियन का इंतजार बता रही है।
जानकारी मुताबिक मौली जागरां का विवाह आठ साल पहले मुबाारिकपुर में हुआ था। परिवार में उनके 6 साल का बेटा है जबकि सालभर की बेटी की कुछ दिन पहले बीमारीवश मौत हो गई। प्रियंका ने पुलिस में बयान दिया है कि उसकी ससुराल में पति ने सास के साथ मिलकर उसे चार दिनों तक कमरे में बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उसे निवस्त्र कर बेल्ट व डंडों से बेरहम पिटाई की जाती रही। उसे खाना तो एकतरफ, पानी तक नहीं दिया गया। उसका सिर पकड़कर दीवार व फर्श पर मारा गया। लात घूंसे अलग बरसाए गए। उसके शरीर पर पिटाई के दर्जनों निशान हैं। उसकी वीडियो भी बनाई गई। पिटाई की वजह ऑन कैमरा पर लड़की ने बताया कि वे उसपर चोरी का आरोप लगाकर उससे चोरी कबूल कराना चाहते थे। 24 मार्च को जैसे तैसे वह मायके फोन करने में सफल रही। जिन्होंने उसे डेराबस्सी सिविल अस्पताल पहुंचाया। उसी दिन पुलिस को भी सूचित किया गया। पीड़िता का कहना है कि पुलिस ने बयान तो दर्ज कर लिए परंतु दस दिनों बाद भी न आरोपियों को थाने बुलाया, न ही एफआईआर दर्ज की है।
इस बारे तफ्तीश अफसर एएसआई जसपाल सिंह ने बताया कि बयान दर्ज कर लिए थे। आरोपित पक्ष अभी तक थाने नहीं पहुंचा। पीड़िता के पति का फोन स्विच ऑफ आ रहा है जबकि सास को फोन करने पर उसने खुद को आउट ऑफ स्टेशन बताया। घर पर कोई नहीं मिल रहा है। पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट आ गई है। उस बारे डॉक्टर्स का ऑपिनियन लेकर एक दो दिनों तक एफआईआर दर्ज कर दी जाएगी।
फोटो सहित : पीड़िता प्रिंयका, उसके शरीर पर पड़े हुए बेरहम मारपीट के निशान।