चर्चा, क्या अब एमडीबी ग्रुप में 10 हजार करोड़ का स्कैम अब होगा एक लाख करोड़ का
लुधियाना, 2 अप्रैल। महानगर के साउद्रन कैनाल रोड पर चंगला गांव में चर्चित पाम जुमेरा टाउनशिप बनाने का करीब सवा महीने पहले जोरशोर से ऐलान किया गया था। बाकायदा इसकी लॉचिंग के नाम पर सैकड़ों कारों की रैली भी निकाली गई थी। एक महीने में इसकी शुरुआत के दावे किए थे। हालांकि सवा महीना बीत जाने के बावजूद इसकी दस फीसदी तक रजिस्ट्री भी नहीं हो पाई हैं। फिलहाल इसे लेकर चर्चाएं हैं कि 250 एकड़ में बनने वाली इस टाउनशिप के नाम पर करीब 10 हजार करोड़ रुपये का स्कैम किया गया है।
पकड़ ली गोरखधंधे की राह !
चर्चाओं पर भरोसा करें तो इस टाउनशिप के गोरखधंधे से एक नया ट्रेंड कायम हो गया है। बताते हैं कि शहर के एक राजनेता ने हंबड़ा रोड पर 60 एकड़ में कालोनी बनाने के नाम पर प्लॉट बेच डाले। इसी तरह एक नामी रियल एस्टेट कारोबारी ने लाडोवाल साउदर्न बाइपास पर 70 एकड़ में प्लॉट काटकर बेच डाले।
गलाडा अफसरों ने ‘काला चश्मा’ पहन रखा !
चर्चा यह भी है कि रियल एस्टेट कारोबार में यह गोरखधंधा गलाडा की नाक तले ही चल रहा है। इस मामले में ना तो कई एप्रूवल लिया गया। साथ ही रेरा के कायदे-कानून भी छींके पर टांग दिए गए हैं। ऐसे रियल एस्टेट कारोबारियों की कथित कालोनियों की गलाडा के पास रजिस्ट्रेशन तक नहीं है।
सरकार को चिढ़ा रहे ऐसे पावरफुल-धंधेबाज :
चर्चा है कि रियल एस्टेट कारोबार में गोरखधंधे के माहिरों की राजनेताओं के साथ अंदरखाते तालमेल है। यह धंधेबाजों-नेताओं का नैक्सस सूबे की सरकार को भी मुंह चिढ़ा रहे हैं। अब अहम सवाल यह है कि आखिरकार पंजाब सरकार इन गोरखधंधे वालों पर कैसे नकेल कसेगी। आशंका तो यह भी है कि एमडीबी की तर्ज पर एक नया स्कैम हो सकता है।
जुटा लिए जनता से सैकड़ों करोड़ !
चर्चाओं पर भरोसा करें तो रियल एस्टेट का यह गोरखधंधा करने वालों ने आसपास की मंडियों के भोले-भाले लोगों को जाल में फंसाया। इस बल पर उन्होंने करीब 500 करोड़ रुपये जुटा लिए। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब यह सब ‘खेला’ चला तो गलाडा की इंटेलिजेंस आखिर कहां थी ? वहीं भ्रष्टाचार मुक्त शासन का नारा देने वाली सूबे की आप सरकार क्या इस मामले में गलाडा के अफसरों की जवाबदेही तय करेगी।
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