जीरकपुर 04 April: आज स्वास्थ्य विभाग ने सिविल सर्जन मोहाली डॉ. संगीता जैन और एसएमओ डॉ. पोमी चतरथ के दिशा-निर्देशों के अनुसार, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक लखविंदर पाल ने मौसम की स्थिति में बदलाव को ध्यान में रखते हुए सरकारी स्कूल रामगढ़ भूडा में डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया। उन्होंने विद्यार्थियों को जानकारी देते हुए बताया कि डेंगू और मलेरिया के मच्छर साफ खड़े पानी में पनपते हैं। जहां डेंगू मच्छर दिन में काटते हैं, वहीं मलेरिया मच्छर रात में काटते हैं। डेंगू मच्छर के काटने के मुख्य लक्षणों में तेज बुखार, तेज सिरदर्द,आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों में दर्द और मसूड़ों तथा नाक से खून आना शामिल हैं। बुखार होने पर अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या सरकारी अस्पताल में रक्त जांच करवाएं ताकि समय पर उपचार मिल सके।
इसे रोकने के लिए अपने घरों, दुकानों, कार्यालयों और स्कूलों को साफ रखें और विशेष रूप से सुनिश्चित करें कि कूलर, रेफ्रिजरेटर ट्रे, बर्तन और कंटेनरों में पानी सप्ताह में एक बार पूरी तरह से सूख जाए। संग्रहित पानी को ढककर रखना चाहिए। मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करना डेंगू विरोधी अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। लोगों को डेंगू के संबंध में अपनी जिम्मेदारी समझने की जरूरत है। इसलिए लोगों को स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करना चाहिए। आने वाले दिनों में डेंगू जागरूकता अभियान को और तेज किया जाएगा। स्कूल, कॉलेज, मोहल्ला सोसाइटीयों और एनजीओ को जागरूक किया जाएगा और आने वाले समय में घर-घर जाकर लार्वा की जांच की जाएगी। जिन घरों में लार्वा पाया जाएगा, उनका चालान भी किया जाएगा। इस अवसर पर स्वास्थ्य कार्यकर्ता हरप्रीत सिंह, पंकज पट्टी, प्रिंसिपल राजिंदर कांत, स्वास्थ्य प्रभारी मैडम अंजलि और अन्य स्टाफ मौजूद था।