लुधियाना 5 अप्रैल। अगर आप घिबली स्टूडियो की फिल्मों, वॉलपेपर या आर्ट वर्क के फैन हैं और इंटरनेट से जुड़ा कोई कंटेंट डाउनलोड करते हैं, तो सावधान हो जाइए। साइबर ठग अब इसी शौक का फायदा उठाकर लोगों की जेब और डेटा दोनों चुरा रहे हैं। इस एप के जरिए आपका फेस डेटा चोरी किया जा रहा है। जिसके चलते इसका फायदा साइबर ठग उठा सकते हैं। जिसके चलते कही न कही आप साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। हालांकि चंडीगढ़ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने इसको लेकर एक खास एडवाइजरी भी जारी की है।
कैसे हो रही ठगी समझें
नकली ऑनलाइन शॉप और चोरी का सामान कुछ वेबसाइट खुद को घिबली कंपनी से जुड़ी बताकर टी-शर्ट, पोस्टर और गिफ्ट बेचती हैं, लेकिन असल में वो फर्जी होती हैं। लोग पैसे भेज देते हैं, लेकिन सामान नहीं आता, उल्टा उनका नाम, पता और बैंक डिटेल्स भी चोरी हो जाती हैं। फर्जी ईमेल और खतरनाक लिंक घिबली के नाम पर ईमेल या मैसेज के जरिए भेजे जाते हैं, जिनमें ऑफर या कॉन्टेस्ट का लालच दिया जाता है। जैसे ही आप दिए गए लिंक पर क्लिक करते हैं, आपके फोन या कंप्यूटर में वायरस या जासूसी सॉफ्टवेयर आ जाता है।
फ्री गिफ्ट समेत अन्य मिलते हैं ऑफर
फ्री गिफ्ट और नकली कॉन्टेस्ट सोशल मीडिया पर कई ऐसे पोस्ट वायरल होते हैं, जिनमें घिबली के फ्री गिफ्ट या डाक्यूमेंट्री का दावा किया जाता है। असल में ये पोस्ट आपको ऐसे ऐप्स डाउनलोड करने को कहते हैं, जिनमें छिपा हुआ वायरस होता है। वहीं खतरनाक वॉलपेपर और आर्ट पैक बहुत सारे वॉलपेपर या आर्ट पैक्स डाउनलोड करने के बहाने आपके फोन में रैनसमवेयर घुसा दिया जाता है, जो आपके डेटा को लॉक कर देता है और फिर पैसे मांगता है। इसके अलावा फर्जी आर्टिस्ट और प्रोफाइल से धोखा कुछ लोग खुद को घिबली आर्टिस्ट बताकर सोशल मीडिया पर प्रोफाइल बनाते हैं और लोगों से पैसे या निजी जानकारी मांगते हैं। फिर ठगी होती है।