चंडीगढ़, 30 अगस्त:
पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राज्य सरकार, स्वयंसेवी संगठनों और स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी से युद्धस्तर पर राहत कार्य किए जा रहे हैं। राहत सामग्री की निरंतर आपूर्ति के साथ-साथ, प्रभावित परिवारों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कैबिनेट मंत्री और पंजाब आप के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने बाढ़ प्रभावित जिलों के लिए सुनाम से राहत सामग्री से भरे 11 ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन ट्रकों में संकटग्रस्त परिवारों की मदद के लिए राशन किट, आवश्यक खाद्य सामग्री और पशुओं का चारा था।
ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद ने फाजिल्का जिले के अपने दौरे के दूसरे दिन स्थानीय प्रशासन के साथ बाढ़ राहत उपायों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में 3,835 परिवारों को राशन वितरण का पहला चरण पूरा हो चुका है और वितरण का दूसरा चरण शुरू हो चुका है। सोंद ने आगे बताया कि पट्टन पोस्ट, कवांवाली पट्टन और अट्टू वाला पुल पर चौबीसों घंटे चिकित्सा दल तैनात किए गए हैं, जबकि पीने के पानी के नमूने नियमित रूप से लिए जा रहे हैं और चंडीगढ़ प्रयोगशाला में उनकी जाँच की जा रही है। अब तक 1,500 मरीजों का मुफ्त इलाज किया जा चुका है और जिले में 14 पशु चिकित्सा दल कार्यरत हैं।
कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां ने भी भारी बारिश के बीच फाजिल्का के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। घुरका गाँव में प्रभावित परिवारों से बातचीत करते हुए उन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार संकट की इस घड़ी में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
इस बीच, जेल एवं परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने तरनतारन के कोट बुड्ढा, भोजोके, झुग्गियाँ पीर बख्श, रदलके, राम सिंह वाला, सभरा और रसूलपुर सहित कई गाँवों का दौरा किया। उन्होंने स्वयं सूखा राशन, पेयजल, खाद्य सामग्री और पशुओं के लिए चारा वितरण का नेतृत्व किया। भुल्लर ने आश्वासन दिया कि कोई भी परिवार राशन के बिना नहीं रहेगा।
कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क और डॉ. बलबीर सिंह ने भोआ क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गाँवों, जिनमें नरोट जैमल सिंह, जैदेपुर, बमियाल, भगवाल और कोहलियाँ अड्डा शामिल हैं, का दौरा किया। उन्होंने रावी नदी की स्थिति का भी निरीक्षण किया और सरना से राशन से भरे अतिरिक्त राहत ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रतिदिन 27 चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे प्रतिदिन 500-600 लोगों को निःशुल्क जांच व दवाइयां प्रदान की जा रही हैं।
पंजाब सरकार ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ दृढ़ता से खड़े रहने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई तथा यह सुनिश्चित किया कि कोई भी परिवार भोजन, चिकित्सा सहायता या आवश्यक सहायता के बिना न रहे।