चंडीगढ़ और लुधियाना में बड़ी इमिग्रेशन कंपनियों पर ईडी का एक्शन

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दबिश में 19 लाख कैश और अहम दस्तावेज बरामद

चंडीगढ़ 27 फरवरी। इंफोर्समेंट डिपार्टमेंट की तरफ से लुधियाना औप चंडीगढ़ में बड़ी इमिग्रेशन कंपिनयों पर कार्रवाई की है। ईडी की टीमों ने रेड लीफ इमिग्रेशन प्राइवेट लिमिटेड, ओवरसीज पार्टनर एजुकेशन कंसल्टेंट्स और इंफोविज सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन और अन्य संबंधित पांच कॉमर्शियल और रेसिडेंशियल में चैकिंग मुहिम चलाई गई। यहां काबिलेजिक्र है कि डंकी-रुट से अमेरिका जाने वाले भी बड़ी तादाद में भारत डिपोर्ट हुए। इनमें काफी तादाद में पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के लोग हैं।

इसके बाद केंद्र और राज्य सरकारें फर्जी ट्रेवल एजेंट्स, इमीग्रेशन कंपनियों पर शिकंजा कसा गया है। यह सारी कार्रवाई पीएमएलए 2002 के तहत कार्रवाई की गई। इस दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और 19 लाख की नकदी बरामद की गई है। ईडी की तरफ यह कार्रवाई पंजाब और दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई। इस संबंधी शिकायत विदेशी आपराधिक जांच कार्यालय, अमेरिकी दूतावास, नई दिल्ली ने दी थी। इसी शिकायत को आधार बनाया गया।

इस शिकायत में वीजा सलाहकार मेसर्स रेड लीफ इमिग्रेशन प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स ओवरसीज पार्टनर एजुकेशन कंसल्टेंट्स और अन्य द्वारा की गई धोखाधड़ी गतिविधियों के बारे में बताया गया था। ईडी की जांच से पता चला है कि आरोपी व्यक्तियों/संस्थाओं ने संयुक्त राज्य अमेरिका में स्टडी करने या काम करने के इच्छुक अयोग्य वीजा आवेदकों के शिक्षा प्रमाण पत्र/अनुभव पत्रों में जालसाजी की थी। गलत कमीशन/शुल्क के बदले में वीजा आवेदन के लिए न्यूनतम खाता शेष दिखाने के लिए विभिन्न वीजा आवेदकों के खातों में धनराशि स्थानांतरित की थी। उन्होंने विभिन्न तथ्यों और परिस्थितियों में हेरफेर करके विभिन्न वीजा आवेदकों को संयुक्त राज्य अमेरिका के वीजा के लिए अपनी पात्रता दिखाने में गलत तरीके से मदद की थी। ​​​​

ऐसी आपराधिक गतिविधियों के माध्यम से आरोपी व्यक्तियों व संस्थाओं ने वीजा आवेदकों से मोटी रकम वसूली है। ऐसी आपराधिक गतिविधियों के माध्यम से कमाया पैसा अचल संपत्तियों की खरीद में निवेश किया गया और विभिन्न बैंक खातों में जमा किया गया।

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