गांव में कुछ लोगों पर आरोप, नशअपने अहंकार के कारण सांप्रदायिक सद्भाव को किया खत्म
चरणजीत सिंह चन्न
जगरांव 23 मार्च।जगरांव के निकटवर्ती गांव शेरपुरा कलां में उस समय माहौल तनावपूर्ण हो ग,या जब गांव के गुरुद्वारा साहिब की अध्यक्षता को लेकर दो गुटों में सीखी नोंक-झोक हो गई।
जानकारी के मुताबिक गुरुद्वारे की अध्यक्षता को लेकर पूर्व और वर्तमान सरपंच के गुटों के बीच कई दिनों से आपसी खींचतान चल रही थी। जिसे सुलझाने के लिए दोनों गुटों को पुलिस की शरण लेनी पड़ी थी। धार्मिक मामला होने और बिगड़ते माहौल को देखते हुए पुलिस ने सिविल प्रशासन को इसकी सूचना दी। मामले को सुलझाने के लिए सिविल प्रशासन ने नायब तहसीलदार मैडम किरणजीत कौर, बीडीपीओ और एएफएसओ पुलिस पार्टी के साथ गुरुद्वारा साहिब भेजा। जहां दोनों गुटों के लोग बड़ी संख्या में गुरुद्वारा साहिब में एकत्र होने लगे, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं। प्रशासन ने दोनों समूहों से पांच-पांच लोगों के नाम लिखकर आम सहमति बनाने का प्रयास किया। ताकि इस विवाद को समाप्त किया जा सके।
बताते हैं कि कई घंटे बीत जाने के बावजूद स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के प्रयास असफल साबित हुए। इस बीच सिविल और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में दोनों समूहों के बीच झड़प हो गई। स्थिति यहां तक पहुंच गई कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। उधर दो गुटों में बंटी गांव की महिलाएं भी आपस में बहसबाजी करती नजर आईं। स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन ने गुरुद्वारा अध्यक्ष पद का चुनाव बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया।
सिविल एवं पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में गुरुद्वारे में मौजूद कुछ उपद्रवी व
ने मीडिया कर्मियों के साथ भी बहस की, उनके कैमरे छीनने की कोशिश तक की।
सूत्रों ने बताया कि गुरुद्वारा साहिब की अध्यक्षता के लिए कथित तौर पर बोली भी लगाई।