प्रोजेक्ट को किया जाएगा दोबारा से री-डिजाइन,35 एमएलडी का एसटीपी लगाने पर किया जा रहा विचार
जीरकपुर 04 April : शहर में पहले आबादी के हिसाब से गांव सिंहपुर में 17.3 एमएलडी का एक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया था जो कि करीब एक लाख की आबादी के लिए काफी था लेकिन शहर की निरंतर बढ़ती जा रही आबादी के चलते पहले वाला सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट कम पड़ गया तथा शहर में एक और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की मांग उठने लगी जिसके चलते नगर कौंसिल द्वारा सनौली क्षेत्र में एक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की योजना बनाई तथा उसके लिए सारी प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई। इसके बाद वहां पर आसपास की दर्जनों सोसाइटियों के लोगों ने यहां पर लगने वाले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का विरोध शुरू कर दिया और कानूनी रास्ता अपनाते हुए इस एसटीपी पर स्टे लगवा दी। जिसके कारण यहां पर लगने वाले एसटीपी का काम लटक गया। पिछले हफ्ते माननीय अदालत द्वारा इस एसटीपी पर लगाई गई रोक को हटाने से अब इसके लिए रास्ता साफ हो गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नगर कौंसिल द्वारा इस क्षेत्र में अपने स्तर पर एक सर्वे करवाया गया था जिससे पता चला के ढकोली पीरमुछल्ला तथा बलटाना क्षेत्र में करीब 3 करोड़ की आबादी हो गई है और यहां पर इतनी आबादी के लिए कम से कम 35 एमएलडी का एसटीपी लगाने पर विचार किया जा रहा है पहले यहां पर 22.5 एमएलडी का एसटीपी लगाया जाना था। यहां पर एसटीपी लगाने से बलटाना, ढकोली, पीर मुछल्ला, सनौली, किशनपुरा अधिक क्षेत्रों को फायदा होगा। जानकारी के अनुसार बाद एसटीपी लगाने के लिए प्रोजेक्ट को दोबारा से री-डिजाइन किया जाएगा तथा उसके हिसाब से ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसके लिए करीब 6 महीने का समय लग सकता है। उसके बाद एसटीपी लगाने तथा सीवरेज लाइन डालने के लिए ठेकेदार को करीब 1 साल का समय दिया जा जाता है। इसका सीधा-सीधा अनुमान लगाया जा रहा है कि सनौली क्षेत्र में लगने वाले एसटीपी को करीब डेढ़ वर्ष का समय लग सकता है।