लुधियाना 31 अगस्त। परम पू. साध्वी श्री रंजन श्रीजी म.सा. व पंजाब सिंहनी साध्वी श्री प्रमोद श्रीजी म.सा. की सुशिष्याएं, परम पू. साध्वी प्रीतिरत्ना श्री जी म.सा., परम पू. साध्वी प्रीति सुधा श्री जी म.सा.,प. पू. साध्वी प्रीतियशा श्री जी म.सा. की निश्रा में चांदनी जैन पुत्रवधू गुलशन जैन गिरनार (गिरनार वाले) के 11 उपवास का पारणा संपन्न हुआ। इस अवसर पर श्री आत्मानंद जैन सभा के कार्यकारी अध्यक्ष गुलशन जैन गिरनार ने कहा कि तपस्या का अर्थ है, किसी निश्चित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए व्यक्तिगत और अनुशासित प्रयासों का एक समूह है। जिसमें अक्सर उपवास, आत्म-नियंत्रण और त्याग जैसे शारीरिक और मानसिक अनुशासन शामिल होते हैं। यह एक ऐसा अभ्यास है जो मानसिक जागरूकता को बढ़ाता है, भौतिक इच्छाओं से मुक्ति दिलाता है। इस दौरान निर्मल जैन बेबी होजरी ने बताया कि श्री आत्मानंद जैन सभा के कार्यकारी अध्यक्ष गुलशन जैन गिरनार ने जैन उपाश्रय के विकास के लिए कई कार्य किए है। जैसे कि पुराने गेट की जगह दोनों स्टील के गेट लगाना, श्री रोशन लाल हाल में एसी व्यवस्था करना और पेंट और लिफ्ट का कार्य कराना और ब्लॉक का पेंट रिपेयर करवाना, सभी लाइटें रिपेयर करवाना शामिल है। इन सभी विकास कार्य का श्रेय गुलशन जैन गिरनार को जाता है। उनकी यह भी मंशा है कि मोहन देवी प्रवचन हॉल को भी ऐसी करवा दिया जाए उन्होंने जी जान से सेवा की है।
