अमेरिका के 50% टैरिफ से टेक्सटाइल उद्योग को झटका, ट्राइडेंट ग्रुप संकट में
नई दिल्ली, 30 अगस्त | यूटर्न
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ का सीधा असर भारतीय टेक्सटाइल उद्योग पर देखने को मिल रहा है। इस फैसले से विशेष रूप से ट्राइडेंट ग्रुप जैसी बड़ी कंपनियां आर्थिक संकट में घिर गई हैं। ट्राइडेंट का लगभग 70 प्रतिशत निर्यात अकेले अमेरिका में होता है, जहां वह बाथ और बेड लिनेन जैसे होम टेक्सटाइल उत्पाद भेजती है।
भारत, जो विश्व का दूसरा सबसे बड़ा टेक्सटाइल उत्पादक देश है, 2024 में इस उद्योग का आकार 146.55 अरब डॉलर तक पहुंचा चुका था और 2030 तक 350 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान था। लेकिन अमेरिकी टैरिफ नीति ने इस विकास की गति को बड़ा झटका दिया है।
मध्यप्रदेश के मंडीदीप और बुधनी जैसे टेक्सटाइल हब पर इसका असर साफ दिख रहा है। ट्राइडेंट के अलावा वर्धमान, अनंत स्पिनिंग और सागर मैन्युफैक्चरर्स जैसी कंपनियां भी अमेरिका में बड़ा निर्यात करती रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि टैरिफ के कारण ट्राइडेंट की लागत में इजाफा होगा और अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा क्षमता घटेगी, जिससे कंपनी की आय, लाभांश और निर्यात पर सीधा असर पड़ेगा।
इस स्थिति का असर शेयर बाजार पर भी पड़ा है। ट्राइडेंट का शेयर जहां 2022 में ₹60 तक पहुंचा था, वह अब गिरकर ₹27 पर आ गया है। निवेशकों में घबराहट है और कंपनी के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।