लुधियाना में नशा के खिलाफ सरकारी रैली बन गई आम आदमी की मुसीबत
लुधियाना, 2 अप्रैल। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार पंजाब में इस वक्त नशाखोरी को लेकर जोरदारी से मुहिम चला रही है। मंगलवार से आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल, सीएम भगवंत मान, पंजाब के आप प्रधान अमन अरोड़ा व पंजाब के पार्टी इंचार्ज मनीष सिसोदिया के साथ शहर में ही डटे थे। बुधवार को आप ने आम आदमी के हक में नशे के खिलाफ जनसभा कर पदयात्रा भी निकाली। जिसमें हजारों स्टूडेंट्स-एनसीसी कैडेट्स शामिल हुए। जनसभा में तमाम दिग्गज नेताओं के साथ राज्यसभा सांसद व लुधियाना वैस्ट हल्के से उप चुनाव में आप उम्मीदवार संजीव अरोड़ा मंचासीन रहे। जिन्होंने स्टूडेंट्स के साथ पंजाब से नशों का खात्मा करने की शपथ भी ली।
गरजे मान, तस्करों का अब नहीं होगा सम्मान :
अपने संबोधन में सीएम मान ने दोटूक कहा कि अब नशा तस्करों के घरों पर दीपमालाएं नहीं होंगी, बल्कि बुलडोजर ही चलेंगे। पुलिस अकेले नहीं, बल्कि जनता की मदद से ही इस मुहिम को कामयाब बना सकेगी। नशा तस्करों की सूचना देने वालों के नाम गुप्त रखे जाएंगे। आप सुप्रीमो केजरीवाल ने पंजाब को नशे की दलदल में धकेलने के लिए पुरानी सरकारों को जिम्मेदार ठहराया।
…मगर बन गया आम आदमी बनाम वीआईपी कल्चर :
हालांकि यही सरकारी आयोजन आम आदमी के लिए मुसीबत भी बन गया। दरअसल शहर के अति-व्यस्त फिरोजपुर स्टेट हाइवे पर आरती चौक में यह नशा विरोधी जनसभा रखी गई। जिसमें सीएम मान, आप सुप्रीमो केजरीवाल सूबे के तमाम मंत्रियों-विधायकों के साथ पहुंचे। लिहाजा तमाम वीवीआई-वीआईपी का वहां जमावड़ा होने के चलते सैकड़ों पुलिस मुलाजिम, अफसर तैनात रहे। हाईवे की एक साइड को भी काफी समय तक बंद रखा गया। फिर जागरुकता रैली निकलने पर भी उस रुट पर लोग जाम में फंसे नजर आए।
बीजेपी नेता देबी का सवाल, बड़े मगरमच्छों पर कार्रवाई क्यों नहीं ?
आज पंजाब की आप सरकारी नशा विरोधी मुहिम पर सवाल उठाते बीजेपी के प्रांतीय कोषाध्यक्ष गुरदेव शर्मा देबी ने करारा तंज कसा। उन्होंने सीएम मान से मालूम किया कि नशा तस्करी के धंधे में शामिल बड़े मगरमच्छों के खिलाफ कब कार्रवाई होगी। साथ ही आप सुप्रीमो केजरीवाल को सलाह दी कि वह पंजाबियों को गुमराह करना बंद करें। लगे हाथों अपने सीएम समेत तमाम विधायकों के डोप टैस्ट कराएं।
केजरीवाल का असली टारगेट राज्यसभा में जाना : आशु
लुधियाना वैस्ट उप चुनाव में सूबे के पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु कांग्रेस के अघोषित उम्मीदवार माने जा रहे हैं। उन्होंने आप सुप्रीमो केजरीवाल के पंजाब दौरे को लेकर तंज कसा कि वह चुनाव घोषित होने से पहले ही प्रचार के लिए यहां डटे हैं। उनका असली टारगेट यहां की राज्यसभा सीट खाली कर खुद उस पर काबिज होना है। साथ ही वह नशा विरोधी मुहिम के नाम पर जनता को गुमराह कर रहे हैं।
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